पुल गिरा- अब बिहार में गिरा 100 साल पुराना पुल, लाखों लोग प्रभावित, बीजेपी की धन्यवाद यात्रा से पहले हादसा

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मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड क्षेत्र में एक 100 साल पुराना पुल ताश के पत्तों की तरह बिखर गया, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। यह हादसा गरहां-हथौड़ी-अमनौर-औराई सड़क मार्ग पर अमनौर खाखर टोला के पास हुआ।

कुछ मिनट पहले ही गुजरी थी बस
गनीमत यह रही कि हादसे के महज कुछ मिनट पहले ही एक बस पुल से गुजर चुकी थी, जिसे कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। हालांकि इस पुल के गिरने से औराई प्रखंड की अतरार अमनौर, महेश्वाड़ा और कटरा प्रखंड की बेरई दक्षिणी पंचायत सहित करीब डेढ़ लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। अब इन इलाकों के लोगों को शहर जाने के लिए सात किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी होगी, जिसमें अधिकतर रास्ता पैदल पार करना पड़ेगा।

मरम्मत के बावजूद पुल हुआ धराशायी
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि करीब डेढ़ साल पहले इस सड़क की मरम्मत कराई गई थी। लेकिन उस दौरान पुल की फिटनेस की जांच नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि मरम्मत कार्य में लापरवाही बरती गई थी, जिसके कारण पुल की हालत नजरअंदाज कर दी गई।

लोकसभा चुनाव के दौरान भी इसी पुल के पास एक ट्रक गिर गया था, जिससे इसके जर्जर होने के संकेत पहले ही मिल चुके थे। बावजूद इसके अधिकारियों और अभियंताओं ने पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

 

राजनीतिक हलचल के बीच हादसा बना चर्चा का विषय
इस पुल के गिरने का समय भी राजनीतिक रूप से खासा महत्वपूर्ण है, क्योंकि बीजेपी विधायक और पूर्व भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री रामसूरत कुमार यहां प्रस्तावित पुल और सड़कों को लेकर धन्यवाद यात्रा निकालने वाले थे। बेनीपुर स्मारक से क्षतिग्रस्त पुल से करीब दो किलोमीटर पहले तक बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ पैदल यात्रा की योजना थी। लेकिन यात्रा से ठीक एक दिन पहले पुल गिरने से यह घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।

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ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से जवाब की मांग
पुल गिरने के बाद स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल की हालत पहले से ही खराब थी, लेकिन इसे लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब जब पुल गिर चुका है, तो लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पुल के पुनर्निर्माण की मांग की है, ताकि आवागमन फिर से सुचारू हो सके और लोगों को राहत मिल सके।


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