गुब्बारे ने ले ली बच्ची की जान- 12 साल की बच्ची भर रही थी हवा..तभी हुआ कुछ ऐसा कि वह तड़पने लगी, हो गई मौत

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बुलंदशहर क्षेत्र के दीघी गांव में 12 वर्षीय बच्ची की सांस की नली में गुब्बारा फंस गया, जिसमें बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसर गया। वहीं परिजनों ने पुलिस को बिना सूचना दिए शुक्रवार रात को ही बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया।

दीघी गांव निवासी अशोक कुमार ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। शुक्रवार को वह काम पर गए हुए थे। घर पर उनकी पत्नी रेखा देवी और सात बच्चे थे। शाम करीब छह बजे उनकी दूसरे नंबर की बेटी कुमकुम (12) अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी घर में ही रहकर वह मुंह से गुब्बारा फूला रही थी।

 

गुब्बारा फुलाते हुए कुमकुम को तेजी से हंसी आ गई और गुब्बारे की हवा निकल गई। इसी के साथ गुब्बारा तेजी से कुमकुम के मुंह के रास्ते होता हुआ सांस की नली में फंस गया। सांस रुकने पर कुमकुम वहीं तड़पने लगी। यह देख मां रेखा परेशान हो गई और आवाज लगाकर आस-पड़ोस के लोगों को बुलाया। तभी पड़ोसियों की मदद से रेखा तुरंत कुमकुम को लेकर पहासू सीएचसी पहुंची, जहां पहुंचने से पहले ही बच्ची ने दम तोड़ दिया था।

चिकित्सकों ने कुमकुम को मृत घोषित कर दिया। यह सुन परिजन स्वास्थ्य केंद्र पर ही बिलख उठे। इसकी जानकारी पुलिस व अन्य किसी को नहीं दी गई। इसके बाद गमगीन माहौल में बच्ची के शव को स्वास्थ्य केंद्र से घर लाया गया। मृत बच्ची को देख परिजन व रिश्तेदार बिलखने लगे। शुक्रवार रात को ही बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई।

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सात भाई बहनों में सबसे नटखट थी कुमकुम
पिता अशोक ने बताया कि उनके सात बच्चे हैं, जिसमें सबसे बड़ी बेटी केसर, फिर प्राची, दिव्यांशी और बेटे नक्श व तनुज हैं और दूसरे नंबर की कुमकुम सबसे नटखट थी। शरारत और पढ़ाई में रुचि नहीं होने के कारण वह स्कूल नहीं जाती थी। उसकी शरारतें याद कर अभी भी आंखों में आंसू आ जाते हैं।


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