मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाईकोर्ट और जनपद न्यायालय के के अधिवक्ताओं को पांच लाख रुपये कैशलेस इलाज की सुविधा का तोहफा दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में पहुंचे सीएम ने कहा कि अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए जो भी प्रस्ताव हाईकोर्ट की तरफ से आएगा उसमें राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। उन्होने युवा अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वह सिर्फ व्यवसायिक ही नहीं बल्कि न्यायपालिका की मजबूती और आम जनता में न्याय के प्रति भरोसा बढ़े इस दिशा में भी कार्य करें।
अभियोजन प्रणाली को किया गया है ऑनलाइन
कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच बेहतर समन्वय के साथ सुशासन को जनता की प्राथमिकता बनाया गया है। आधुनिकीकरण के दौर में प्रदेश पीछे न रहे, इसके लिए न्यायिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। अभियोजन प्रणाली को ऑनलाइन किया गया है। जेलों और न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि मुकदमों की सुनवाई में लगने वाले समय को कम किया जा सके। न्यायालयों में साक्ष्य समय से प्रस्तुत किए जा सकें, इसके लिए भी तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया है। न्यायिक अभिलेखों के डिजिटलीकरण और उन्हें सुरक्षित रखने की प्रक्रिया को भी तेज किया गया है।
एकीकृत न्यायालय परिसर की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। न्यायमूर्ति अरुण भंसाली के प्रयासों से एकीकृत न्यायालय परिसर की अवधारणा को आगे बढ़ाया गया है, जिसमें एक ही परिसर के अंतर्गत सभी प्रकार के न्यायिक कार्यों की व्यवस्था होगी। इसमें आवासीय सुविधाओं के साथ खेल सुविधाएं, अधिवक्ताओं के चैंबर, इनडोर स्टेडियम और कैंटीन जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी। प्रदेश में 900 न्यायालयों के गठन को मंजूरी दी गई है। लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से 10 हजार से अधिक चैंबर, पुस्तकालय और सामुदायिक कक्ष आदि के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए दी जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है। अधिवक्ताओं की मृत्यु की स्थिति में मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाई गई है और 70 वर्ष की आयु तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। कौशाम्बी, श्रावस्ती और कासगंज सहित विभिन्न जनपदों में अधिवक्ताओं के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई गई है। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, विधायक दीपक पटेल आदि मौजूद रहे।







