आगरा के खेरागढ़ स्थित उटंगन नदी में मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन करने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। गांव कुसियापुर डूगरवाला के 13 युवक गहरे पानी में डूब गए। हादसे से अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक युवक विष्णु को बचा लिया। डेढ़ घंटे बाद पुलिस की मदद से दो युवकों ओमपाल और गगन के शव निकाले गए, जबकि देर रात एक अन्य किशोर मनोज का शव मिल गया। इसके बाद दो अन्य युवकों की लाशें भी शुक्रवार सुबह बाहर निकाल ली गईं। अब भी आठ का पता नहीं चल सका है। अब अन्य की तलाश के लिए सेना को बुलाया गया है।
ये हादसा दोपहर 1 बजे हुआ। खेरागढ़ के गांव कुसियापुर में चामड़ माता के मंदिर के पास नवरात्र में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित की गई थी। दशहरा पर मूर्ति के विसर्जन के लिए गांव के 40-50 पुरुष, महिलाएं और बच्चे उटंगन नदी के पास पहुंचे। इनमें विष्णु (20), ओमपाल (25), गगन (24), हरेश (20), अभिषेक (17), भगवती (22), ओके (16), सचिन पुत्र रामवीर (26), सचिन पुत्र ऊना (17), गजेंद्र (17) और दीपक (15) गहरे पानी में चले गए।
बाकी के डूबने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। करीब डेढ़ घंटे बाद ओमपाल और गगन को पानी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। देर रात पुलिस ने किशोर मनोज का शव भी उटंगन से बाहर निकाल लिया। पूरी रात सर्च जारी रही। शुक्रवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने भगवती पुत्र मुरारी लाल 22 वर्ष का शव रेस्क्यू के दौरान खोज निकाला। अन्य की तलाश में एसडीआरएफ की टीम लगी हुई है।
गांव कुशियापुर में 4 फुट की दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के बाद हर दिन आस्था का सैलाब उमड़ रहा था। 10 दिन तक सुबह-शाम की आरती के बाद गांव की गलियों में देवी के गीतों से माहाैल भक्तिमय हो जाता था। दशहरा आया तो प्रतिमा विसर्जन के लिए क्या बड़े, क्या छोटे, सब नदी किनारे चल पड़े। मगर हादसे की जानकारी आई तो पूरे गांव में करुण क्रंदन गूंज उठा।








