रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला का 74 वां प्राकट्योत्सव अनुष्ठानपूर्वक हुआ शुरू।

रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला का 74 वां प्राकट्योत्सव शुक्रवार से अनुष्ठानपूर्वक शुरू हो गया। सबसे पहले कलश पूजन के साथ विविध ग्रंथों का पारायण शुरु किया गया। इसके उपरांत श्रीरामजन्म भूमि सेवा समिति के पदाधिकारी पूजित कलश व रामलला के चित्रपट के साथ पूजन सामग्री लेकर रामजन्मभूमि पहुंचे। सुरक्षा कारणों से परम्परागत रुप से पूजित कलश व चित्रपट के अतिरिक्त सम्पूर्ण पूजन सामग्री मिष्ठान व फलादि को रामलला के सहायक अर्चक संतोष तिवारी ने रंगमहल बैरियर पर आकर प्राप्त किया। एसपी सुरक्षा पंकजकुमार सहित मातहत पुलिस अधिकारी एवं मंदिर मजिस्ट्रेट व रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के प्रतिनिधि के रुप में रामशंकर यादव ऊर्फ टिन्नू भी मौजूद रहे। कलश सौंपने के लिए सेवा समिति के पदाधिकारियों को पूर्वाह्न 11 बजे का समय दिया गया था। मालूम हो कि प्रथम पाली में विराजमान रामलला के दर्शनावधि पूर्वाह्न 11 बजे तक ही है। इसके बाद भगवान के भोग आरती की तैयारी की जाती है और साढ़े 11 बजे आरती होती है। सेवा समिति के पदाधिकारी पूजन सामग्री सहायक पुजारी के सुपुर्द करने के बाद स्वयं भी दर्शन के लिए परिसर में गये और वहां आरती में सम्मिलित भी हुए। पुन सभी पदाधिकारियों को निर्माणाधीन सुपर स्ट्रक्चर का अवलोकन कराने ले जाया गया। पदाधिकारियों ने गर्भगृह के चिह्नित स्थल की परिक्रमा की। निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया गया। निर्माण एजेंसी एलएण्डटी के तकनीकी सहायकों ने उन्हें निर्माणाधीन मंदिर की विशेषताओं से अवगत कराया। सेवा समिति के पदाधिकारियों को रामनामा भेंटकर स्वागत किया और संत-महंतो को यथोचित विदाई दी। सेवा समिति के अध्यक्ष व राम मंदिर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पक्षकार रहे महंत धर्मदास ने राम मंदिर निर्माण के प्रति संतोष व्यक्त किया।

और पढ़े  UP- एसीपी ने रोका, फिर भी बरसती रही लाठी, प्रदर्शनकारियों पर टूट पड़े इंस्पेक्टर
  • Related Posts

    सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने पर विवाद, सपा विधायक के चाचा के खिलाफ FIR

    मुरादाबाद के बिलारी के सपा विधायक मो. फहीम के चाचा मो. उस्मान के खिलाफ मझोला थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने सर्किट हाउस…

    UP- नया अध्याय, 2401 दिन बाद बदला राम मंदिर ट्रस्ट का स्वरूप, 2020 में गठित ट्रस्ट में पहली बार बड़ा फेरबदल

    सुप्रीमकोर्ट से राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद भव्य मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ और केंद्र सरकार के निर्देश पर पांच फरवरी 2020 को श्रीराम जन्मभूमि…