TEMPLE: यहाँ बना 13 करोड़ में भव्य खूबसूरत हिंदू मंदिर,सबसे पुराने हिंदू मंदिरों में से है एक

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यूएई के दुबई में दशहरे के दिन एक भव्य हिंदू मंदिर का उद्घाटन हुआ। 2020 में 16 देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ मंदिर की नींव रखी गई थी। यूएई के सहिष्णुता मंत्री हिज हाइनेस शेख नाहयान बिन मुबारक अल नाहयान ने इस मंदिर का उद्घाटन किया। हालांकि इस मंदिर का औपचारिक उद्घाटन 1 सितंबर, 2022 को पहले ही हो चुका है।

जेबेल अली में निर्मित यह मंदिर पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोर रहा है। खलीज टाइम्स के मुताबिक, यह मंदिर सिंधी गुरु दरबार मंदिर का विस्तार है, जो यूएई के सबसे पुराने हिंदू मंदिरों में से एक है। सफेद संगमरमर से बने मंदिर के अंदर का दृश्य काफी खूबसूरत है। इसके अलंकृत स्तंभ, अग्रभाग पर अरबी और हिंदू ज्यामितीय डिजाइन और छत पर घंटियां हैं। 70 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में फैले इस मंदिर को तैयार करने में करीब 16 लाख डॉलर यानी 13 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आया है। मंदिर जेबेल अली में अमीरात के कॉरिडोर ऑफ टॉलरेंस में स्थित है। मंदिर की खासियत ये है कि इसमें हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों के अलावा चर्च और गुरुद्वारा भी है। भारत से पूजा करने पहुंचे समाजसेवी पवन सिंधी बताते हैं कि मंदिर में 16 देवी-देवताओं की मूर्तियां रखी गईं हैं। इसके अलावा एक ज्ञान कक्ष और अन्य धार्मिक आयोजन के लिए सामुदायिक केंद्र भी है। मंदिर के खुलने का समय सुबह 6:30 बजे से रात आठ बजे तक होगा। हर रोज एक हजार से 1200 लोग मंदिर में दर्शन कर पाएंगे।
यूएई में पहली बार 1958 में हिंदू मंदिर की स्थापना हुई थी। उसके बाद अब जाकर दूसरे मंदिर की स्थापना हुई है। यह दुबई का दूसरा हिंदू मंदिर है। 1958 में दुबई में केवल छह हजार भारतीय समुदाय के लोग रहते थे। अब इनकी संख्या तीस लाख से भी अधिक हो चुकी है।
हिंदू मंदिर प्रबंधकों ने श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए अपनी वेबसाइट के माध्यम से क्यूआर कोड अपॉइंटमेंट बुकिंग प्रणाली को भी सक्रिय किया है। क्यूआर कोड के जरिये भक्तों को भीड़ और अन्य परेशानियों से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे मंदिर में व्यवस्था और सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
अधिकांश देवी-देवताओं को मुख्य प्रार्थना कक्ष में स्थापित किया गया है। इसमें एक बड़ा 3-डी प्रिंट गुलाबी कमल भी है जो केंद्रीय गुंबद पर लगाया गया है। यह जेबेल अली में पूजा गांव के रूप में प्रसिद्ध है। यहां कई चर्च और गुरु नानक दरबार गुरुद्वारा भी हैं। मंदिर में गुरु ग्रंथ साहिब भी स्थापित हैं।

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