सुप्रीम कोर्ट: घुसपैठियों के लिए भी चाहते हैं रेड कार्पेट, रोहिंग्याओं को लेकर दायर याचिका पर SC की दो टूक

 

 

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया। दरअसल, याचिका में कुछ रोहिंग्या शरणार्थियों के लापता होने को लेकर चिंता जाहिर की गई थी और इस मामले में केंद्र को निर्देश देने की अपील की गई। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में सुनवाई को टाल दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तीखी टिप्पणी करते हुए याचिकाकर्ताओं से कहा, “आप जानते हैं वे घुसपैठिए हैं। भारत के उत्तरी बॉर्डर बहुत संवेदनशील हैं। आप जानते हैं कि देश में क्या हो रहा है। अगर कोई यहां गैरकानूनी ढंग से आया है, तब भी आप उनके लिए रेड कार्पेट चाहते हैं। वे सुरंगों के जरिए घुसते हैं और फिर आपके खाने, निवास के अधिकारी, बच्चों की शिक्षा, आदि के अधिकारी, हो जाते हैं। क्या हम कानून का दायरा इस तरह खींचना चाहते हैं? ऐसे मामलों में बंदी प्रत्यक्षीकरण (हीबस कॉर्पस) जैसी मांगें करना काफी काल्पनिक बात है।”

और पढ़े  पंजाब: नशे के विरोध पर हत्याओं से केंद्र चिंतित, गृह मंत्रालय ने तलब की रिपोर्ट, शाह और मान आमने-सामने
  • Related Posts

    सौरव दास और आशुतोष रांका को कोर्ट से झटका, न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ी

    दिल्ली की एसईएम कोर्ट ने सीजेपी के सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ा दी है। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा यह फैसला पुलिस की मांग…

    दिल्ली: आशुतोष रांका और सौरव दास की जमानत मामले में मंदिर मार्ग एसईएम को धमकी, अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज

    दिल्ली पुलिस ने आशुतोष रांका और सौरव दास से जुड़े जमानत मामले में मंदिर मार्ग के विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (एसईएम) को धमकी देने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ…