आज अलविदा जुमा: 26 साल बाद रमजान में पांच जुमे का संयोग, इबादत-दुआ और नेकी का खास मौका
Spread the loveइस बार रमजान का महीना एक खास और दुर्लभ संयोग लेकर आया है। 26 साल बाद ऐसा मौका आया है जब पूरे रमजान में पांच जुमे पड़ रहे…
हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरण कुमार के शव का पोस्टमार्टम हो गया है। एसएसपी चंडीगढ़ कंवरदीप कौर, कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार पीजीआई से वापस लाैट गई हैं। तीन बजे पूरण कुमार का शव सेक्टर 25 क्रिमेशन ग्राउंड लेकर जाया जाएगा और शाम 4 बजे अंतिम संस्कार होगा।
31 सदस्यीय कमेटी के सदस्य रेशम सिंह ने बताया कि सेक्टर 17 चंडीगढ़ से तय पैदल मार्च रद्द कर दिया गया है। इसके लिए मीटिंग करेंगे, फिर आगे का फैसला लेंगे। रेशम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से परिवार को न्याय नहीं किया गया है, लेकिन सामाजिक और मानवता के नाते पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार का फैसला लिया गया है
अमनीत पी कुमार की तरफ से कहा गया कि यूटी पुलिस द्वारा निष्पक्ष, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के आश्वासन और हरियाणा सरकार द्वारा आरोपी अधिकारियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्होंने पति के शव का पोस्टमार्टम कराने की सहमति दी है।
समय पर पोस्टमार्टम के साक्ष्यगत महत्व और न्याय के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, गठित चिकित्सकों के बोर्ड द्वारा, एक बैलिस्टिक विशेषज्ञ की उपस्थिति में, एक मजिस्ट्रेट की देखरेख में, और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी के साथ कराने पर सहमति व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि मुझे न्यायपालिका और पुलिस अधिकारियों पर पूरा भरोसा है, और मुझे पूरी उम्मीद है कि जांच पेशेवर, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से की जाएगी, ताकि कानून के अनुसार सच्चाई सामने आ सके। जांच दल को मेरा पूरा सहयोग मिलता रहेगा ताकि प्रक्रिया में तेजी आए और जल्द से जल्द न्याय मिले। जांच जारी रहने के मद्देनजर, इस समय कोई और सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया जाएगा और मैं मीडिया से अनुरोध करती हूं कि वे मामले की संवेदनशीलता का सम्मान करें।
इससे पहले मंगलवार को चंडीगढ़ जिला अदालत ने पूरण कुमार की आईएएस पत्नी अमनीत पी कुमार को नोटिस जारी किया। यह नोटिस चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से अदालत में दायर की गई अर्जी पर जारी किया गया था। पुलिस की तरफ से कोर्ट में एप्लीकेशन लगाकर एडीजीपी वाई पूरण कुमार के शव के पोस्टमार्टम की इजाजत मांगी गई थी।
मामले के जांच अधिकारी, एसएसपी और आईजीपी की तरफ से वाई पूरण कुमार के परिजनों से बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद जब परिवार ने पोस्टमॉर्टम के लिए सहयोग नहीं किया, तो पुलिस को मजबूर होकर स्थानीय अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। पुलिस ने अदालत से अनुरोध किया है कि परिवार को शव की पहचान और पोस्टमार्टम के लिए आगे आने का निर्देश दिया जाए।

Spread the loveइस बार रमजान का महीना एक खास और दुर्लभ संयोग लेकर आया है। 26 साल बाद ऐसा मौका आया है जब पूरे रमजान में पांच जुमे पड़ रहे…
Spread the loveअसम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा आज नामांकन पर्चा भरेंगे। इससे पहले उन्होंने कामरूप मेट्रो से विधानसभा कार्यालय की ओर अपना रोड शो किया. इसे शक्ति प्रदर्शन के…

