देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ ने जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों में 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। सीआरपीएफ ने पहलगाम हमले के बाद से लेकर अब तक विभिन्न इलाकों में 55 अस्थायी ऑपरेशन बेस स्थापित कर दिए हैं। पहले इतनी ऊंचाई पर सुरक्षा बलों की नियमित गश्त नहीं होती थी। नतीजतन, आतंकवादी वहां पर छिपने की जगह ढूंढ़ लेते थे।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के अभियानों का फायदा यह हुआ है कि स्थानीय आतंकी लगभग खत्म हो चुके हैं। फिलहाल यहां एक लोकल आतंकी लतीफ भट बचा है, जबकि पाकिस्तानी आतंकियों की संख्या लगभग 50 बताई गई है। पिछले दिनों अमरनाथ यात्रा बाधित करने का प्रयास करने वाले दो स्थानीय आतंकी जाकिर अहमद गनी और उसके साथी लतीफ भट की सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था। लश्कर-ए-ताइबा का स्थानीय आतंकी और ए श्रेणी का टॉप कमांडर जाकिर अहमद गनी, मुठभेड़ में मारा गया, जबकि उसका साथी लतीफ भट भागने में सफल रहा। सुरक्षा बल उसकी तलाश कर रहे हैं।
अस्थायी ऑपरेशन बेस पर सीआरपीएफ के जवान 24 घंटे तैनात रहते हैं। जवानों के पास आधुनिक हथियार, स्नाइनर गन, दूरबीन, स्नो शूज, स्लीपिंग बैग और सेटेलाइट ट्रैकर आदि उपकरण हैं। जवानों की तैनाती की रणनीति इस तरह बनाई गई है कि अगर कहीं आतंकी मुठभेड़ होती है तो बिना किसी देरी के दूसरा दस्ता मौके पर पहुंच सकता है।






