जिला अस्पताल में कायाकल्प के मानकों की जांच के लिए राज्यस्तरीय 3 सदस्यीय टीम पहुंची

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जिला अस्पताल में कायाकल्प के मानकों की जांच के लिए राज्यस्तरीय तीन सदस्यीय टीम पहुंची। मंगलवार को टीम ने अस्पताल परिसर में मानकों का गहनता से निरीक्षण किया और अस्पताल में रखरखाव समेत आठ बिंदुओं की गुणवत्ता की जांच की।सरकारी अस्पतालों व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कायाकल्प योजना चलाई है। इसमें अस्पतालों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के साथ जैविक कचरा निस्तारण, संक्रमण नियंत्रण, सुदढ़ीकरण, सहायक सेवाओं में वृद्धि, चिकित्सालय का सुंदरीकरण व पर्यावरण की जांच की जाती है। योजना के तहत अस्पताल का तीन चरणों में आंकलन किया जाता है। प्रथम आंकलन स्वयं अस्पताल के स्तर से होता है। दूसरे आंकलन के लिए बाहरी जनपदों के डॉक्टरों की टीम आती है। तीसरा आंकलन राज्य स्तरीय टीम के स्तर से होता है। इस दौरान अस्पताल 70 फीसदी अंक पाता है तो उसे कायाकल्प योजना के तहत चयनित कर लिया जाता है।स्टेट कंसलटेंट अरुणेश तिवारी ने बताया कि शनिवार को राज्य स्तरीय तीन सदस्यीय टीम ने जिला अस्पताल का फाइनल आंकलन किया। इस टीम ने आठ बिंदुओं पर अस्पताल की सुविधाओं को अपनी कसौटी पर परखा है। टीम ने सुविधाओं के साथ ही अस्पताल कैंपस में वाहन पार्किंग व एंबुलेंस पार्किंग व्यवस्थाओं को परखा गया है। चेकलिस्ट के अनुसार प्रत्येक बिंदु पर टीम द्वारा अलग-अलग मार्किंग की जाएगी। निरीक्षण से पहले टीम ने अस्पताल में दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। सीएमएस डॉक्टर सीबीएन त्रिपाठी ने बताया कि कायाकल्प के माध्यम से चिकित्सालय का मूल्यांकन प्रतिवर्ष होने वाली प्रक्रिया है। जिसके द्वारा चिकित्सालय में दी जाने वाली सेवा एवं उनकी गुणवत्ता में क्रमिक रूप से सुधार होता है।

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