मुख्यमंत्री धामी ने शनिवार को श्रीनगर में आयोजित भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा से सवाल कर रही है, लेकिन उसे पहले अपने शासनकाल का हिसाब जनता को देना चाहिए। कांग्रेस के शासनकाल में उत्तराखंड में नकल माफिया का खेल चलता था। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विकास और सुशासन के संकल्प के साथ जनता के बीच जा रही है, जबकि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। मतदाता सूची में किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूटने पर शिकायत का समाधान होना चाहिए, लेकिन इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया है। सड़कों पर प्रदर्शन और संवैधानिक संस्थाओं को घेरना लोकतंत्र का सम्मान नहीं है। चुनाव आयोग कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि देश की संवैधानिक संस्था है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल में हुए कथित घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को भ्रष्टाचार पर बोलने से पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने टूजी, कॉमनवेल्थ, कोयला और अन्य घोटालों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में भ्रष्टाचार की लंबी फेहरिस्त रही है, ऐसे में उसे भाजपा सरकार से सवाल पूछने का नैतिक अधिकार नहीं है।
अंकिता भंडारी प्रकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में राजनीति करने के बजाय पीड़ित परिवार की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले में सीबीआई जांच चल रही है और जांच प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन किसी बेटी और उसके परिवार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम बनाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज महिला सम्मान की बात कर रही है, लेकिन अपने शासनकाल में हुई घटनाओं पर उसकी चुप्पी सवाल खड़े करती है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपने पुराने शासनकाल में हुए घोटालों और भर्ती अनियमितताओं पर जवाब देने को कहा।
श्रीनगर के विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसभा में आने से पहले श्रीनगर बाईपास सड़क के लिए विस्तृत सर्वेक्षण कार्य का शुभारंभ किया गया है। इससे शहर के विकास और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह पदयात्रा केवल कुछ किलोमीटर चलने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड के स्वाभिमान, विकास और सुशासन के संकल्प की यात्रा है। मां गंगा के सानिध्य में श्रीनगर से शुरू हुई यह पहल प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचेगी।





