2023 में बिगड़े रिश्ते अब पटरी पर: PM मोदी दिसंबर में जाएंगे कनाडा, पीएम कार्नी भारत पर क्या बोले?

प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर में कनाडा की यात्रा कर सकते हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर इसकी पुष्टि की। कार्नी ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता में अच्छी प्रगति हो रही है और दोनों देश साल के अंत तक व्यापार समझौता पूरा करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के साथ संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों के बीच संबंध, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग भी इसके अहम हिस्से हैं। मोदी का कनाडा दौरा ऐसे समय में होने जा रहा है, जब दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की कोशिश हो रही है।

भारत-कनाडा व्यापार समझौते को लेकर क्या तैयारी चल रही है?

  • मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा भारत के साथ व्यापार वार्ता को इस साल के जी20 सम्मेलन तक पूरा करना चाहता है। यह सम्मेलन दिसंबर के मध्य में अमेरिका के मियामी में होना है। कार्नी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भी इसी दौरान कनाडा आएंगे और वह उनकी मेजबानी को लेकर उत्साहित हैं।

 

  • कनाडा सरकार का मानना है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। प्रस्तावित व्यापार समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कनाडा की ओर से कहा गया है कि समझौते के बाद भारत-कनाडा व्यापार मौजूदा स्तर से बढ़कर करीब 70 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

 

 

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2023 में क्यों बिगड़ गए थे भारत और कनाडा के रिश्ते?

    • भारत और कनाडा के संबंधों में बड़ा संकट जून 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद आया था। कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सितंबर 2023 में आरोप लगाया था कि निज्जर की हत्या में भारत की भूमिका हो सकती है।
  • भारत ने इन आरोपों को खारिज किया था। निज्जर की हत्या ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में हुई थी। इस मामले में चार भारतीय नागरिकों पर आरोप लगाए गए हैं और वे मुकदमे का सामना कर रहे हैं। इसके बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए और व्यापार समझौते को लेकर चल रही बातचीत भी प्रभावित हुई।

कार्नी भारत के साथ संबंध सुधारने की कोशिश क्यों कर रहे?

  • मार्क कार्नी ने पिछले साल जी20 सम्मेलन के दौरान भारत सरकार के साथ व्यापार वार्ता फिर शुरू की थी। इसके पीछे उनका एक बड़ा उद्देश्य कनाडा की अर्थव्यवस्था को अमेरिका पर अत्यधिक निर्भरता से कम करना भी है। हालांकि कनाडा की सरकार भारत के साथ सुरक्षा और राजनयिक मुद्दों को लेकर अब भी सावधानी बरत रही है।
  • कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने पहले भारत सरकार पर कनाडा की जमीन पर हत्याओं, जबरन वसूली और धमकियों से जुड़े आरोप लगाए थे। भारत इन आरोपों को खारिज करता रहा है। कार्नी का कहना है कि भारत के साथ कानून प्रवर्तन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के स्तर पर सहयोग स्थापित किया गया है, जिससे संबंधों को आगे बढ़ाने का रास्ता बन रहा है।
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क्या व्यापार समझौता दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकता है?

भारत और कनाडा कई वर्षों से किसी व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत कर रहे हैं, लेकिन 2023 के राजनयिक विवाद ने प्रक्रिया को रोक दिया था। अब कार्नी सरकार व्यापार को संबंध सुधारने के प्रमुख रास्ते के तौर पर देख रही है।  कनाडा की खुफिया एजेंसी के प्रमुख डैन रोजर्स ने पिछले साल भी भारत को उन देशों में शामिल किया था, जिन पर कनाडा ने सीमा पार दमन से जुड़े आरोप लगाए थे। ऐसे में व्यापार और सुरक्षा के मुद्दों को साथ लेकर चलना कार्नी सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। फिर भी दिसंबर में मोदी की संभावित कनाडा यात्रा और साल के अंत तक व्यापार समझौता पूरा करने की कोशिश यह संकेत देती है कि दोनों देश अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को फिर से आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

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