बता दें कि राज्य सरकार ने बीते दिनों कैबिनेट में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने देने की विपक्ष की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव पारित करने को हरी झंडी दी थी। विशेष सत्र के दौरान देर रात तक महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा होगी। साथ ही महिला सुरक्षा, अधिकार, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक भागीदारी जैसे मुद्दों को भी चर्चा में शामिल किया जा सकता है।
चर्चा के दौरान महिला सदस्यों को अपनी बात कहने का अधिक अवसर दिया जाएगा। देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन को संबोधित करेंगे। इससे पहले नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडेय समेत दलीय नेताओं का संबोधन होगा। साथ ही सदन के पटल पर अध्यादेश, अधिसूचनाएं, नियम आदि रखे जाएंगे। इसके अतिरिक्त यदि कोई विधेयक पुनर्स्थापित किए जाने हैं, तो उन्हें भी पेश किया जाएगा। विशेष सत्र के दौरान प्रश्नकाल नहीं होगा। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इन बिंदुओं पर सहमति बनी।