जैन मंदिर में विश्व शांति, सद्भाव और मानव कल्याण की कामना से विशेष अनुष्ठान निरंतर जारी है। प्रातःकालीन पूजन, अभिषेक और मंत्रोच्चार के साथ वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। इंद्रध्वज मंडल विधान पूजन में विश्व शांति की कामनाएं की जा रही हैं। जैन मंदिर रायगंज के पीठाधीश रवींद्रकीर्ति स्वामी ने इस अवसर पर कहा कि विश्व शांति का मार्ग बाहरी संघर्ष से नहीं, बल्कि आंतरिक संयम और सदाचार से प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपने भीतर क्रोध, लोभ और द्वेष को समाप्त करता है, तभी समाज और विश्व में स्थायी शांति स्थापित हो सकती है। स्वामी ने युवाओं से नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने और धर्म को आचरण में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि जैन धर्म का मूल संदेश ‘अहिंसा परमो धर्मः’ आज के समय में और भी प्रासंगिक है। इस दौरान प्रतिष्ठाचार्य पंडित विजय जैन, डॉ. जीवन प्रकाश जैन, सुरेंद्र जैन, मनोज जैन, आदेश जैन सहित अन्य मौजूद रहे।








