स्मार्ट मीटर: क्या आपका भी पोस्टपेड स्मार्ट मीटर तेज चल रहा है तो मात्र 50 रुपये में करवाएं जांच, ये है तरीका

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बिजली उपभोक्ताओं को यदि शक है कि उनका पोस्टपेड स्मार्ट मीटर तेज चल रहा है, तो वे मात्र 50 रुपये देकर चेक मीटर लगवाकर इसकी जांच करा सकते हैं। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने पहले से ही सभी प्रकार के मीटरों की जांच की फीस तय कर रखी है लेकिन जिम्मेदार अफसर अपनी मनमानी करते हुए उपभोक्ताओं से 350 से 2000 रुपये तक वसूली कर रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि राजधानी में लगे पोस्टपेड स्मार्ट मीटरों की जांच कराने का कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है।

 

स्मार्ट प्रीपेड मीटर की जांच शुल्क 175 रुपये
निगम के निदेशक (वाणिज्य) योगेश कुमार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, स्मार्ट प्रीपेड मीटर की जांच की फीस 175 रुपये तय है। उपभोक्ता यह शुल्क अपने क्षेत्रीय बिजली कार्यालय में जमा कर दूसरा चेक मीटर लगवाकर जांच करा सकते हैं।

 

ऐसे कराएं जांच
लखनऊ सेंट्रल जोन के मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल ने बताया कि यदि उपभोक्ता को शक है कि उसका मीटर तेज चल रहा है तो वह उपखंड अधिकारी कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर चेक मीटर लगवा सकता है। आवेदन देने से पहले बकाया बिल का कम से कम 50% भुगतान करना अनिवार्य है।

बिना चेक मीटर भी हो सकती है जांच
गोमतीनगर जोन के मुख्य अभियंता सुशील गर्ग ने बताया कि मीटर जांचने के लिए चेक मीटर लगाने की जरूरत ही नहीं है। एक्वा चेक मशीन को मीटर से जोड़ने के पांच मिनट बाद ही उसकी पूरी हकीकत सामने आ जाती है। इसमें यह भी साफ हो जाता है कि मीटर स्लो किया गया है या तेज।

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तय शुल्क (रुपये में):
पोस्टपेड मीटर (सिंगल/थ्री फेज) 50
स्मार्ट प्रीपेड मीटर: 175
नेट मीटर/स्पेशल मीटर: 400 मैक्सिमम डिमांड इंडिकेटर: 350
ट्राई विक्टर मीटर: 1000

नोट: मीटर की जांच कराने का कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है।


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