बालाघाट में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस में अनुशासनहीनता पुलिसकर्मियों पर भारी पड़ गई। एसपी आदित्य मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए दो एएसआई सहित कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
समीक्षा बैठक के दौरान एएसआई राजकुमार राहंगडाले वीडियो कॉन्फ्रेंस में हंसते नजर आए। वहीं, कटंगी थाना के कार्यवाहक एएसआई पेंढारीलाल अहाके पान चबाते दिखाई दिए। जब एसपी ने दोनों से सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के बारे में सवाल किए, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसे गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए एसपी ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
तीन थाना प्रभारियों पर भी कार्रवाई
इस कार्रवाई में तीन थाना प्रभारियों को भी नहीं बख्शा गया। निलंबित अधिकारियों में कोतवाली थाना प्रभारी कामेश धुमकेती, ग्रामीण थाना प्रभारी अमित अग्रवाल व रामपायली थाना प्रभारी दिलीप मौर्य का नाम शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, इनके खिलाफ सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों के निराकरण में देरी और थाना क्षेत्र में गंभीर अपराधों पर अपेक्षित कार्रवाई न करने की शिकायतें थीं। हालांकि आधिकारिक तौर पर विस्तृत कारण स्पष्ट नहीं किए गए हैं।
आरक्षक भी आया कार्रवाई की जद में
कार्रवाई के दौरान एक आरक्षक शैलेश को भी लाइन अटैच किया गया है। इस तरह कुल छह पुलिसकर्मियों पर एक साथ कार्रवाई हुई है, जिससे पूरे पुलिस महकमे में सख्ती का संदेश गया है। एसपी आदित्य मिश्रा पहले से ही अपनी सख्त कार्यशैली और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि समीक्षा बैठकों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और शिकायतों के निराकरण में ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि आम जनता की शिकायतों का समय पर समाधान पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी तरह की कोताही पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।








