आचार्य सत्येंद्र दास- महंत सत्येन्द्रदास के निधन पर पैतृक गांव में पसरा सन्नाटा..

 

श्रीराम मन्दिर के मुख्य पुजारी सत्येन्द्र दास के निधन के बाद संतकबीरनगर में रामजानकी मार्ग पर स्थित उनके पैतृक गांव खर्चा में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार के लोगों के साथ ही गांव के अधिकतर लोग अयोध्या चले गए हैं। गांव में बचे लोगों के अन्दर उनके प्रति असीम श्रद्धा का भाव देखा जा रहा है।

आजीवन ब्रह्मचारी जीवन बिताने वाले सत्येन्द्रदास जी अपने भतीजों के साथ ही जीवन की खुशियां बाटते थे। उनके भतीजों में सुशील पांडेय सबसे बड़े हैं। उनसे छोटे पवन पांडेय तथा सबसे छोटे भतीजे प्रदीप दास हैं। प्रदीप दास अपने चाचा के साथ रहते थे।

वह श्रीराम जन्मभूमि के सहासक पुजारी हैं। उनको सत्येन्द्रदास जी ने अपना उत्तराधिकारी बनाया था। गांव में स्थित उनके पैतृक आवास पर केवल उनके घर के सहायक साहबराम मिले जो उसी गांव के निवासी हैं तथा घर की देखभाल के साथ ही पशुओं की देखभाल भी करते हैं।

घर पर केवल वही मौजूद थे। वही उनके घर आने जाने वाले लोगों को बता रहे थे कि घर में कोई नहीं है। वहीं गांव के लोग भी काफी दुखी दिखाई दे रहे हैं। चाहे हिन्दू हो या मुसलमान सभी लोगों में उनके प्रति श्रद्धा देखी जा सकती है। गांव के राधेश्याम, रामचन्द्र, अर्जुन पांडेय, मनोज कुमार, अनस रिजवान, इरशाद अहमद , अरविन्द, अंगद यादव समेत अन्य लोगों में उनके निधन का काफी दुख है।

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