दिल्ली विस्फोट के बाद अयोध्या हाई अलर्ट मोड पर है। ऐसे में राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यहां प्रवेश द्वार के एंट्री पॉइंट पर ही डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) लगा दिए गए हैं। यही व्यवस्था यात्री सुविधा केंद्र में भी की गई है। इसके माध्यम से जांच के बाद ही देश-दुनिया से आए हुए श्रद्धालुओं को राम मंदिर परिसर के भीतर प्रवेश दिया जा रहा है।
अयोध्या के सभी प्रवेश द्वारों पर वाहनों को चेकिंग के बाद ही भीतर आने दिया जा रहा है। हनुमानगढ़ी और कनक भवन के साथ अन्य मंदिरों और सरयू के घाटों पर भी सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद हैं। राम मंदिर के एंट्री पॉइंट पर डीएफएमडी से जांच की व्यवस्था मंगलवार से ही प्रभावी की गई है। इसके बाद अगले चरण में भी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। मंगलवार होने के नाते श्रद्धालु बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंचे और वह सभी हनुमानगढ़ी दर्शन करने के बाद राम मंदिर में दर्शन करने आए। श्रद्धालुओं पर दिल्ली विस्फोट का कोई खौफ नहीं दिख रहा है। वह अपने भक्ति के रंग में सराबोर हैं।
एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए और सुरक्षा जांच को बेहतर बनाने की उद्देश्य से अभी तक पांच कतारों में हो रही दर्शन की व्यवस्था बदली गई है। अब सात कतारों में श्रद्धालुओं को राम मंदिर के भीतर जाने दिया जा रहा है। इससे भीड़ भी नियंत्रित हो रही है और सुरक्षा एजेंसियों को जांच और निगरानी में भी सहूलियत मिल रही है।
एसपी सुरक्षा ने बताया कि हर स्तर पर सुरक्षा को सख्त किया गया है। विभिन्न एजेंसियां समन्वय के साथ निगरानी और चौकसी बरत रही हैं। एंटी ड्रोन सिस्टम एक्टिव है। इससे आकाश की भी निगरानी की जा रही है। इसके अलावा 1000 सीसीटीवी कैमरों की मदद से राम मंदिर के आसपास नजर रखी जा रही है।









