20 जुलाई को आजादी का दूसरा आंदोलन’:- वांगचुक का नया संदेश, फिर बढ़ेगा आंदोलन? पत्नी गीतांजलि के जरिए भेजा खास मैसेज

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फदरजंग अस्पताल में भर्ती पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की ओर से उनकी पत्नी गीतांजलि के माध्यम से एक हस्तलिखित संदेश जारी किया गया है। इस संदेश में उन्होंने 20 जुलाई को होने वाले कार्यक्रम को ‘आजादी का दूसरा आंदोलन’ बताते हुए लोगों से संसद मार्च में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।

हस्तलिखित संदेश में सोनम वांगचुक ने लिखा है, ‘आजादी का दूसरा आन्दोलन, जय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत।’ इसके साथ उन्होंने अंग्रेजी में Freedom from injustice (Like paper leaks)’ और ‘Freedom from Fear (my illegal detention); यानी अन्याय (जैसे पेपर लीक) से आजादी’ और ‘डर से आजादी (मेरी कथित अवैध हिरासत)’ का उल्लेख किया है।
संदेश में आगे सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की है। संदेश के अंत में उन्होंने लिखा, यह संदेश उनकी पत्नी गीतांजलि के माध्यम से सफदरजंग में अपनी ‘कथित अवैध हिरासत’ से भेजा गया है।

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, सोनम डॉक्टरों के निगरानी में हैं। और अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ अपडेट के अनुसार उनके वाइटल पैरामीटर स्थिर हैं, हालांकि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

जेएनयूटीए ने जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अभिभावकों पर पुलिस द्वारा की गई कथित बर्बर कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। जेएनयूटीए ने इसे लोकतांत्रिक असहमति पर एक शर्मनाक और तानाशाही हमला करार दिया है।

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जेएनयूटीए का मानना है कि यह कार्रवाई उन नागरिकों के खिलाफ राज्य की शक्ति का दुरुपयोग है, जिन्होंने युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियों के लिए जिम्मेदार सत्ता से सवाल पूछने का साहस किया। संगठन के अनुसार, सरकार ने इस कृत्य से अपनी राजनीतिक और नैतिक विश्वसनीयता को उजागर किया है। यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार अब युवाओं की गंभीर चिंताओं को हल करने योग्य संकट के बजाय दबाए जाने वाले जनसंपर्क संकट के रूप में देख रही है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संगठन भी सोनम वांगचुक के समर्थन में आया। 20 जुलाई को होने वाले मार्च का समर्थन भी किया है।


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