विजय दिवस- सेना के शौर्य को सलाम…,विजय दिवस पर राष्ट्रपति, PM मोदी समेत कृतज्ञ राष्ट्र ने दी श्रद्धांजलि

Spread the love

विजय दिवस भारत के इतिहास का सबसे गौरवशाली दिन है। यह दिन भारतीय सेना के शौर्य, साहस और बलिदान की याद दिलाता है। आज से 54 साल पहले आज के दिन ही भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों ने अद्वितीय पराक्रम दिखाते हुए पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी और पूर्वी पाकिस्तान को आजाद कराया था। इतना ही नहीं इस ऐतिहासिक जीत के साथ न केवल बांग्लादेश का जन्म हुआ, बल्कि भारत ने दुनिया को अपनी सैन्य ताकत और राष्ट्रहित के प्रति संकल्प का संदेश भी दिया। विजय दिवस के अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी, द्रौपदी मुर्मू समेत कई नेताओं ने भारतीय सशस्त्र बलों के योगदान को याद किया।

 

पीएम मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों के बलिदान को किया याद
मंगलवार को विजय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी और बलिदान को याद किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि 1971 के युद्ध में भारतीय सेना ने अद्भुत साहस दिखाकर देश को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी।

 

उन्होंने कहा कि विजय दिवस पर हम उन वीर सैनिकों को याद करते हैं, जिनके साहस और बलिदान से भारत को 1971 में ऐतिहासिक जीत मिली। उनकी निष्ठा और निस्वार्थ सेवा ने देश की रक्षा की और इतिहास में गर्व का पल दर्ज किया। उन्होंने आगे कहा कि यह दिन सेना के शौर्य को सलाम करने का दिन है और उनके अदम्य साहस की याद दिलाता है। सैनिकों की वीरता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी मंगलवार को 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत को विजय दिलाने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की ‘स्थानीयकरण के जरिए सशक्तिकरण’ योजना भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

और पढ़े  लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े वकील की गाड़ी पर फायरिंग, कार सवार 5 में से एक व्यक्ति घायल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में मुर्मू ने लिखा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सेना ने आत्मनिर्भरता, रणनीतिक संकल्प और आधुनिक युद्ध तकनीकों का प्रभावी उपयोग दिखाया, जो पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि विजय दिवस के अवसर पर मैं मातृभूमि के वीर सपूतों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। उनके साहस, शौर्य और निस्वार्थ सेवा ने देश को गर्व से भर दिया है। उनकी वीरता और देशभक्ति हमेशा देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी।

कैसे 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने डाले थे हथियार?
गौरतलब है कि आज का दिन भारत के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिन 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान की सेना ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था। इस युद्ध में पाकिस्तान के करीब 93 हजार सैनिकों ने अपने हथियार डाल दिए थे। पाकिस्तानी सेना का नेतृत्व जनरल एए खान नियाजी कर रहे थे। यह आत्मसमर्पण द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया के सबसे बड़े सैन्य आत्मसमर्पणों में से एक माना जाता है। इतना ही नहीं विजय दिवस भारत की सैन्य ताकत, साहस और बलिदान का प्रतीक है।

 

पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बाद कांग्रेस ने भी मंगलवार को विजय दिवस के मौके पर 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना की बहादुरी और इंदिरा गांधी के साहसिक नेतृत्व को याद किया। पार्टी ने कहा कि इस दिन भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी और बांग्लादेश की मुक्ति सुनिश्चित की। कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा कि विजय दिवस पर हम भारत माता के बहादुर पुत्रों को नमन करते हैं, जिनकी बहादुरी और बलिदान ने 1971 का युद्ध भारत के पक्ष में जीताया।

और पढ़े  दिल्ली की बेटियां बनेंगी 'लखपति'- होली से पहले महिलाओं-बेटियों को 4 बड़ी सौगात, राष्ट्रपति मुर्मू ने लॉन्च की योजनाएं

Spread the love
  • Related Posts

    पीएम मोदी का यूट्यूब पर बजा डंका: छुआ 30 मिलियन सब्सक्राइबर का आंकड़ा, ट्रंप से सात गुना ज्यादा फोलोअर्स

    Spread the love

    Spread the loveप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने यूट्यूब पर 30 मिलियन सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार कर लिया है। ऐसा करने वाले वे विश्व…


    Spread the love

    2026 चंद्र ग्रहण: चंद्र ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू, दिल्ली में मंदिरों के कपाट बंद, इस समय होंगे दर्शन

    Spread the love

    Spread the love     साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। यह फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है, जिससे इसका…


    Spread the love