Sales: GST 2.0- दिवाली से पहले वाहन बाजार में नई ऊर्जा, जीएसटी 2.0 से बढ़ी त्योहारी कार खरीदारी की रफ्तार

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जैसे-जैसे भारत दीपावली की तैयारी में जुटा है, देश का यात्री वाहन बाजार भी इस बार एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ग्रांट थॉर्नटन भारत के एक सर्वे के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में लोगों का झुकाव कार खरीदने की ओर काफी बढ़ गया है।

यह सर्वे देशभर के 2,800 से ज्यादा उपभोक्ताओं पर आधारित है। और बताता है कि आज का भारतीय कार खरीदार पहले से ज्यादा आत्मविश्वासी, टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली और समझदार है। रिपोर्ट के मुताबिक, बदलती लाइफस्टाइल, नई तकनीकों को अपनाने की गति, और जीएसटी 2.0 जैसे सरकारी सुधारों की वजह से बाजार में फिर से जोश लौट आया है।

करीब 41 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वे अगले 3-4 महीनों में कार खरीदने की योजना बना रहे हैं। जबकि 72 प्रतिशत लोगों ने अपनी खरीदारी जीएसटी में बदलाव के इंतजार में टाल दी थी। जो बताता है कि टैक्स कम होने से लोगों की खरीदने की क्षमता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।

 

उपभोक्ताओं का बदला नजरिया और नई पसंद
ग्रांट थॉर्नटन भारतम के पार्टनर और उद्योग जगत से जुड़े साकेत मेहरा के अनुसार, “यह त्योहारी सीजन सिर्फ बिक्री का मौका नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के व्यवहार में गहराई से हो रहे बदलाव को भी दिखाता है। अब खरीदार ज्यादा जागरूक, सुरक्षा को लेकर सजग और प्रीमियम फीचर्स के लिए अतिरिक्त कीमत देने को तैयार हैं। जीएसटी सुधारों से गाड़ियां सस्ती हुई हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने कार खरीदने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।”

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हाइब्रिड कारों की बढ़ती मांग
सर्वे में पता चला कि 38 प्रतिशत उपभोक्ता अब हाइब्रिड कारों को प्राथमिकता दे रहे हैं। जबकि पेट्रोल कारें 30 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक कारें (ईवी) 21 प्रतिशत लोगों की पसंद बनी हुई हैं। इससे साफ है कि लोग अब फ्यूल-एफिशिएंट और ट्रांजिशनल टेक्नोलॉजी की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

 

SUV का दबदबा बरकरार
भारत में एसयूवी सेगमेंट का जलवा कायम है। 64 प्रतिशत लोगों ने एसयूवी को अपनी पहली पसंद बताया, जो देश के यात्री वाहन (पीवी) बाजार में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। जबकि दो साल पहले यह आंकड़ा सिर्फ 50 प्रतिशत के आसपास था। इसका मतलब है कि एसयूवी अब हर बजट और शहर में एक पसंदीदा विकल्प बन चुकी है।

सुरक्षा अब कीमत से ज्यादा अहम
कार खरीदते वक्त अब सिर्फ माइलेज या कीमत नहीं, बल्कि सुरक्षा भी एक बड़ा कारक बन गई है। सर्वे के मुताबिक, 34 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने सुरक्षा को अपनी पहली प्राथमिकता बताया। इसका कारण कड़े सुरक्षा नियम, क्रैश टेस्ट जागरूकता, और एडवांस सेफ्टी फीचर्स वाली नई कारें हैं।

 

प्रीमियम फीचर्स के लिए बढ़ी दिलचस्पी
अब लोग बेसिक मॉडल से संतुष्ट नहीं हैं। सर्वे में 35 प्रतिशत से ज्यादा उपभोक्ताओं ने कहा कि वे हाई-एंड वेरिएंट के लिए ज्यादा कीमत देने को तैयार हैं। जबकि 65 प्रतिशत लोगों ने 10-15 प्रतिशत तक की कीमत बढ़ोतरी को भी स्वीकार्य बताया। यह दिखाता है कि भारतीय खरीदार अब सिर्फ ‘सवारी’ नहीं बल्कि एक लग्जरी और फीचर्स से भरपूर अनुभव चाहते हैं।

ऑनलाइन और सोशल मीडिया का बढ़ता असर
आज कार खरीदने से पहले लोग सिर्फ शोरूम नहीं जाते, बल्कि ऑनलाइन तरीकों से भी खूब रिसर्च करते हैं। 52 प्रतिशत उपभोक्ता ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। जबकि 35 प्रतिशत सोशल मीडिया और 23 प्रतिशत कार एप से जानकारी लेते हैं। यानी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स कार खरीदारी की ‘पहली सीढ़ी’ बन चुके हैं।

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GST 2.0 से बढ़ी कार खरीदने की क्षमता
नई जीएसटी दरों का असर साफ दिख रहा है। छोटी कारों पर टैक्स 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो गया है। जिससे एक कार की कीमत में लगभग 1 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। इसका सीधा फायदा टियर-2 और टियर-3 शहरों में दिख रहा है, जहां अब पहले से ज्यादा लोग नई कार खरीदने की सोच रहे हैं।

नवरात्रि 2025 में 34% की जबरदस्त ग्रोथ
रिपोर्ट के अनुसार, नवरात्रि 2025 के दौरान यात्री वाहन खुदरा बिक्री में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी वजह है सस्ती कारें, नए मॉडल्स की लॉन्चिंग और अपग्रेड बायिंग का ट्रेंड। इसके साथ ही, स्थिर ब्याज दरें, बढ़ती आय, ईवी इंसेंटिव और टैक्स सुधार भी इस मांग को और मजबूत कर रहे हैं।

 

भारत का ऑटो सेक्टर नई रफ्तार पर
बदलती उपभोक्ता सोच, डिजिटल प्रभाव और सरकारी नीतियों की मदद से भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर इस बार के त्योहारी सीजन में एक नई ऊंचाई छूने को तैयार है। कंपनियों और डीलर्स के पास यह बेहतरीन मौका है कि वे ग्राहकों को कस्टमाइज्ड फीचर्स, बेहतर फाइनेंसिंग और डिजिटल एक्सपीरियंस देकर इस तेजी का पूरा फायदा उठा सकें।


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