रूस दे रहा ईरान को हमले की खुफिया जानकारी?: ट्रंप- कोई खास फायदा नहीं, जंग के बीच बढ़ा वैश्विक तनाव

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श्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को उन खबरों के महत्व को कम करके आंका, जिनमें कहा गया है कि रूस ने ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सैनिकों को निशाना बनाने के लिए खुफिया जानकारी दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को कहा कि यदि रूस वास्तव में ईरान को इस तरह की जानकारी दे भी रहा है, तो उससे ईरान को कोई खास फायदा नहीं हो रहा। उन्होंने यह टिप्पणी उस समय की जब वह एयर फोर्स वन से मियामी के लिए रवाना हो रहे थे।

 

अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बढ़ा तनाव
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है। युद्ध शुरू होने के एक दिन बाद कुवैत में हुए ड्रोन हमले में अमेरिकी सेना के छह रिजर्व सैनिकों की मौत हो गई थी।

राष्ट्रपति ने इस बारे में सीधे तौर पर पुष्टि नहीं की कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को रूस द्वारा ईरान को लक्ष्य संबंधी जानकारी देने के सबूत मिले हैं या नहीं, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि इससे युद्ध की दिशा पर बड़ा असर नहीं पड़ा है।

रूस-अमेरिका संबंधों पर सवाल टाले
जब ट्रंप से पूछा गया कि अगर रूस ईरान की मदद कर रहा है तो इससे अमेरिका-रूस संबंधों पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने सवाल को टालते हुए कहा कि वे भी कहेंगे कि हम उनके खिलाफ ऐसा करते हैं। दरअसल, यूक्रेन को पिछले चार वर्षों से अमेरिका की खुफिया सहायता मिलती रही है ताकि वह रूस के मिसाइल हमलों से बचाव कर सके और कुछ रूसी लक्ष्यों को निशाना बना सके।

तेल बाजार पर युद्ध का असर
पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के साथ ही तेल बाजार में भी भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। फारस की खाड़ी के प्रवेश द्वार होर्मुज स्ट्रेट से रोजाना करीब दो करोड़ बैरल तेल ले जाने वाले जहाज गुजरते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में इनका आवागमन प्रभावित हो रहा है। ईरान के जवाबी हमलों और क्षेत्र की ऊर्जा सुविधाओं को हुए नुकसान के कारण वैश्विक आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है, जिससे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।

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रणनीतिक तेल भंडार पर ट्रंप का रुख
तेल कीमतों को नियंत्रित करने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह कदम उठाने को तैयार हैं, लेकिन फिलहाल अमेरिका के पास पर्याप्त तेल भंडार है। अमेरिका के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व में पिछले महीने के अंत तक लगभग 41.5 करोड़ बैरल तेल मौजूद था, जबकि इसकी कुल क्षमता 70 करोड़ बैरल से अधिक है। ट्रंप ने कहा हमारे देश के पास बहुत ज्यादा तेल है। बाजार में भी पर्याप्त तेल उपलब्ध है और स्थिति जल्दी सामान्य हो सकती है।


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