हल्द्वानी/बनभूलपुरा-  रेलवे जमीन मामला: प्रभावित परिवारों को छत देने में खर्च हो सकते हैं 376 करोड़ रुपये

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ल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे भूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से 24 फरवरी को सुनवाई के दौरान विस्थापन की संभावनाएं सामने आईं। कोर्ट में 5236 परिवारों के प्रभावित होने का जिक्र किया गया। यदि इन परिवारों के पुनर्वास या विस्थापन की स्थिति बनती है तो सरकार के 376 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह आंकड़े पीएम आवास योजना के मानकों पर सेवानिवृत्त इंजीनियर और आर्किटेक्ट से चर्चा के बाद सामने आए हैं।

 

5236 फ्लैट का करना होगा निर्माण
अमर उजाला ने आर्किटेक्ट भास्करचंद्र कांडपाल से बात की। उन्होंने बताया कि ईडब्ल्यूएस में प्रत्येक मकान 25 वर्ग मीटर का होता है। इसके लिए 100 वर्ग मीटर भूमि पर चार मंजिला बिल्डिंग बनेगी। प्रत्येक फ्लोर पर 25-25 वर्ग मीटर के चार फ्लैट होंगे। यदि 5236 लोगों को छत देनी पड़ी तो इस तरह की करीब 327 इमारतें बनानी पड़ेंगी। इसके लिए 32,700 वर्ग मीटर से अधिक जमीन की जरूरत होगी।

खर्च का गणित
प्रति फ्लैट पर सरकार 7.20 लाख रुपये खर्च करेगी। एक बिल्डिंग में 1.15 करोड़ की लागत से 16 फ्लैट बनेंगे। कुल 327 इमारतें बनाने में में तकरीबन 376 करोड़ खर्च होंगे।


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