उत्तरकाशी- गंगोत्री धाम में जम गए नदी नाले, बर्फ नहीं गिरने से सेब बागवान और काश्तकार निराश

गंगोत्री धाम में अभी तक बर्फबारी नहीं हुई है। इसके बावजूद बारह माह पानी से सदाबहार रहने वाले छोटी-बड़ी नदियां पूरी तरह जम चुकी हैं। उन्होंने पाले की मोटी परतों का रूप ले लिया है। दूसरी ओर बर्फ न गिरने के कारण सेब बागवान और अन्य काश्तकार निराश नजर आ रहे हैं।

गंगोत्री में इन दिनों तापमान माइनस जीरो डिग्री से लेकर माइनस 11 से 12 डिग्री सेल्सियस जा रहा है। इसके बावजूद वहां पर इन दिनों करीब 25 साधु साधनारत हैं। इसके साथ ही गंगोत्री नेशनल पार्क के छह और पुलिस के दो कर्मचारी सहित गंगोत्री मंदिर समिति के कर्मचारी तैनात हैं।

कनखू बैरियर इंचार्ज राजवीर रावत ने बताया कि गंगोत्री धाम में इस सीजन में अभी तक बर्फबारी नहीं हुई है। लेकिन तापमान में भारी गिरावट आने के कारण गंगोत्री सहित गोमुख ट्रैक के सभी नदी-नाले पूरी तरह जम चुके हैं। पाले की कई इंच मोटी परत के बीच भागीरथी नदी में बहुत कम पानी बह रहा है। साथ ही केदार गंगा, ऋषिकुर नाला, पागल नाला, चीड़बासा नाला भी पूरी तरह जम चुके हैं।

गंगोत्री में पानी की आपूर्ति के लिए पाले को आग में पिघलाकर पूरा किया जा रहा है। दूसरी ओर बर्फबारी और बारिश न होने के कारण सेब बागवान सहित अन्य क्षेत्रीय किसान निराश नजर आ रहे हैं क्योंकि सूखे के कारण मटर, गेहूं आदि की फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है।

और पढ़े  उत्तराखंड: एसआईआर, अंतिम मतदाता सूची पर घमासान, कांग्रेस ने मांगा 13 लाख से अधिक हटाए गए नामों का ब्योरा
  • Related Posts

    जाम से हाहाकार: नैनीताल की बिगाड़ी यातायात व्यवस्था, डायवर्ट रूट से ज्योलीकोट पहुंचे पर्यटकों ने दिया धरना

    तीन दिन की छुट्टी के चलते नैनीताल में उमड़ी पर्यटकों की भीड़ का असर ज्योलीकोट मार्ग पर भी देखने को मिला। रविवार को ज्योलीकोट में लंबा जाम लगने से पर्यटक…

    उत्तराखंड / चंपावत: युवाओं को सौगात, डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा, कुक्कुट पालकों को दो करोड़ की सब्सिडी, जानें..

    राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले के बनबसा में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्ताव पर चर्चा हुई। चुनावी वर्ष में सरकार ने…