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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉम एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी। फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत।’ राहुल गांधी का यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच आया है।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब इंडिया गठबंधन के नेता कथित वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को घेर रहे हैं। इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका से जुड़ी अपनी चिंताओं को उठाया।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी हो रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके मुख्य सूत्रधार हैं, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इसे अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को आगे भी उठाता रहेगा। राहुल गांधी ने यह भी बताया कि 12 अक्तूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इससे पहले विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से विजय चौक तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाला। हालांकि, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया था। विपक्षी दलों ने एसआईआर पर रोक लगाने, मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी उठाई है।
गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन के सांसद पिछले कई दिनों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से लोगों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, राहुल गांधी के ताजा बयान ने इस राजनीतिक टकराव के बीच केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के आक्रामक रुख को फिर सामने ला दिया है।