पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खेमे में बगावत के बीच दिल्ली में शिवसेना यूबीटी के संसदीय दल की बैठक बुलाई गई है। उद्धव ठाकरे के साथ मौजूद सांसदों की संख्या और एकजुटता पर संशय बरकरार है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली की बैठक में केवल तीन सांसद ही पहुंचे हैं।
ओवैसी ने शिवसेना (यूबीटी) और टीएमसी पर साधा निशाना
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शिवसेना (यूबीटी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि यदि शिवसेना (यूबीटी) के सांसद भाजपा में जाने की तैयारी कर रहे हैं तो पार्टी नेतृत्व को यह बताना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। ओवैसी ने सवाल उठाया कि बड़ी संख्या में नेता और सांसद भाजपा की ओर क्यों जा रहे हैं और इसके लिए केवल किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। ओवैसी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति का भी जिक्र करते हुए कहा कि टीएमसी के कई सांसद पहले भी पार्टी छोड़ चुके हैं। उन्होंने विपक्षी दलों से अपनी संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन करने की सलाह दी। महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं के बीच शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में होने की अटकलें तेज हैं। हालांकि पार्टी की ओर से किसी आधिकारिक टूट की पुष्टि नहीं की गई है। ओवैसी ने अपने बयान के अंत में कहा, शिकारी नया है, जाल पुराना है।
‘मैं उद्धव ठाकरे के साथ हूं और रहूंगा’: पाला बदलने की अफवाहों पर शिवसेना (UBT) सांसद का बड़ा बयान
शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के पाला बदलने की अफवाहों के बीच सांसद राजाभाऊ वाजे ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने मीडिया से कहा कि वह उद्धव ठाकरे के साथ हैं और हमेशा रहेंगे। यह बयान उन चर्चाओं के बाद आया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि यूबीटी के कुछ सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं।
मामले में संजय राउत ने गंभीर आरोप लगाया है कि उनके सांसदों को पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है। महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा है, जिसके तहत दावा किया जा रहा है कि यूबीटी के नौ में से सात सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं। हालांकि, सांसद अरविंद सावंत ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि सभी सांसद उद्धव ठाकरे की बैठक में मौजूद थे।
दूसरी ओर, भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने इन आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है। बावनकुले के अनुसार, उद्धव ठाकरे को खुद सोचना चाहिए कि उनके लोग उन्हें छोड़कर क्यों जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांसदों पर पैसे के लिए दल बदलने का आरोप लगाना ठीक नहीं है।
‘यह रणनीति नहीं, विश्वासघात है’: बागी सांसदों पर भड़के संजय राउत
बैठक में तीन लोकसभा सांसद- अरविंद सावंत, राजभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। संजय राउत खुद राज्यसभा सदस्य के तौर पर इस बैठक में मौजूद थे। राउत ने साफ तौर पर कहा कि जो सांसद इस बैठक में नहीं आए, उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है। पार्टी ने अब इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा पार्टी उनकी सदस्यता रद्द करने पर भी विचार करेंगी।
संजय राउत ने बागी रुख अपनाने वाले सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि कल जब वे स्पीकर से मिले थे, तो उसकी तस्वीर सार्वजनिक हुई थी। उन्होंने चुनौती दी कि अगर अन्य 6 सांसद भी स्पीकर से मिले हैं, तो उनकी तस्वीर दिखाई जाए। राउत ने इसे रणनीति नहीं विश्वासघात करार दिया। उन्होंने आगे कहा कि ये सांसद अभी भी पार्टी के सदस्य हैं और पार्टी के चुनाव चिन्ह पर ही चुनाव जीते हैं। अगर वे पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। राउत ने भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश और खासकर महाराष्ट्र की राजनीति को गंदा कर दिया है, जिसकी कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी।
महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर पर क्या बोले राज्य के नेता?
महाराष्ट्र में राजनीतिक पाला बदलने की इस कवायद को ऑपरेशन टाइगर भी कहा जा रहा है। राज्य के नेता इस मामले में अपनी-अपनी राय भी जाहिर कर रहे हैं। धुले में शिवसेना के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चंद्रकांत रघुवंशी ने कहा, ‘महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ हो चुका है। आज छह सांसदों ने एकनाथ शिंदे पर भरोसा जताया है और शिवसेना में शामिल हो गए हैं… यह अच्छी बात है कि वे हमारे साथ जुड़ गए हैं। मैं उनका स्वागत करता हूं।’







