पीरूमदारा में बृहस्पतिवार देर रात साढ़े तीन बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। हल्दुआ से गश्ती वन कर्मियों को लाने जा रहे सरकारी वाहन (बोलेरो) की पीरूमदारा के पास कार से भिड़ंत हो गई। हादसे में वनकर्मी चालक की मौत हो गई जबकि कार सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। चिकित्सकों ने दो घायलों को हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
चिल्किया (रामनगर) निवासी मनीष बिष्ट पुत्र नारायण सिंह बिष्ट तराई पश्चिमी वन प्रभाग की आमपोखरा रेंज में संविदा पर चालक के पद पर तैनात थे। बृहस्पतिवार देर रात साढ़े तीन बजे आमपोखरा रेंज में अवैध कटान और तस्करों की गतिविधि की सूचना पर वह रामनगर से सरकारी वाहन से वन कर्मियों को लेने हल्दुआ चौकी जा रहा था। पीरूमदारा के पास सामने से आ रही कार की उनके वाहन से भिड़ंत हो गई।
दोनों वाहनों में सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय लाया गया। चिकित्सकों ने मनीष बिष्ट को मृत घोषित कर दिया। कार सवार गाजियाबाद निवासी आनंद बल्लभ जोशी, पौड़ी निवासी सुशीला देवी को हायर सेंटर रेफर किया गया। कार सवार पौड़ी निवासी घायल धमेंद्र सिंह की हालत खतरे से बाहर है।
नौ साल से वन विभाग में कार्यरत था मृतक
आमपोखरा रेंज के रेंजर पूरन सिंह खनायत ने बताया कि मृतक मनीष बिष्ट के पिता नारायण सिंह बिष्ट तराई पश्चिमी वन प्रभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। मनीष पिछले नौ वर्षों से तराई में कार्यरत थे। तीन वर्षों से वह आमपोखरा रेंज में चालक थे। उनका एक बेटा है।
पीरूमदारा में हुए हादसे के बाद वनकर्मी मनीष के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। – सुशील कुमार, कोतवाल, रामनगर।
कार की टक्कर से बाइक सवार फॉरेस्ट गार्ड घायल
कालाढूंगी रेंज में तैनात फॉरेस्ट गार्ड बीरबल सिंह नेगी दोपहर में बाइक से गश्त पर थे। नैनीताल मार्ग में सामने से आ रही कार ने उन्हें जबरदस्त टक्कर मार दी। हादसे में बीरबल नेगी गंभीर रूप से घायल हो गए। कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि घायल का हल्द्वानी के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने कार चालक मनोज कुमार खंडेलवाल को हिरासत में ले लिया है।
चिकित्सक के पुत्र ने की खुदकुशी
मुखानी के कमलुवागांजा के वैष्णवी विहार निवासी डॉ. हेमंत कुमार भट्ट का पुत्र भरत (19) बृहस्पतिवार को अपने कमरे में फंदे से लटकता मिला। परिवार वाले अस्पताल ले गए लेकिन उसकी मौत हो गई थी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार वालों को सौंपा गया।
मुखानी एसओ दिनेश जोशी ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि भरत किसी बीमारी से परेशान था। ऐसे में वह परिवार वालों से भी उखड़ा-उखड़ा रहता था। बृहस्पतिवार की रात वह कमरे में गया लेकिन दवा खाने के लिए बाहर नहीं आया तो परिवार वालों को शक हुआ। कमरे में वह लटका हुआ था। पुलिस को सूचना देकर उसे उतारा गया और अस्पताल ले गए। जहां उसकी मौत हो गई। अब तक की जांच में आत्महत्या की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही जांच का क्रम आगे बढे़गा।







