रमेश कुमार हत्याकांड – SI की पीट-पीटकर हत्या, मर गईं संवेदनाएं… चिल्लाते रहे एसआई रमेश, कोई बचाने नहीं आया

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ढाणी श्यामलाल की गली नंबर-3 में वीरवार रात 11 बजे हुड़दंगी एसआई रमेश कुमार को लाठी-डंडों से पीटते रहे, वे चिल्लाते रहे…पर उन्हें बचाने कोई नहीं आया। रमेश कुमार का गली-मोहल्ले में लगभग सभी लोगों के साथ मेल-मिलाप था। आने-जाने के दौरान अक्सर लोगों से बतियाते थे, उनका हालचाल पूछते थे, मगर उनकी कराह किसी को सुनाई नहीं दी।

सुबह जब लोगों से पूछा तो बताया कि उन्हें तो पता ही नहीं चला। यह सोचकर बाहर नहीं आए कि रोज गलियों में शोर मचाते घूमने वाले हुड़दंगी होंगे, थोड़ी देर में चले जाएंगे। हालांकि शुक्रवार सुबह से ही लोगों का उनके घर जमावड़ा लगने लगा था। वे रात की घटना से स्तब्ध थे और ग्लानि भी महसूस कर रहे थे कि जरूरत के वक्त वे एक अच्छे पड़ोसी के काम न आ सके।

 

हमलावर करीब 10.30 बजे मोहल्ले में पहुंचे और शोर-शराबा करने लगे। उस समय एसआई रमेश कुमार घर पर ही थे। हमले के बाद पति की चीख सुनकर पत्नी बबली बाहर आई तो वे लहूलुहान पड़े थे। उन्हें इस हालत में देखकर वे बेसुध हो गई। चिल्लाते हुए मदद की गुहार लगाई। हाथ पर डंडा लगने से चोटिल भतीजा अमित तब वहीं पर था। चाची को संभालते हुए पुलिस को सूचना दी। उसने चिल्लाकर आवाज दी तो कुछ लोग बाहर आए।

रमेश के बड़े भाई एएसआई थे…
रमेश के पांच भाई हैं। सबसे बड़े कृष्ण हरियाणा पुलिस में एएसआई थे। उनकी हादसे में मौत हो चुकी है। दूसरे नंबर पर रामगोपाल पशुपालन विभाग से रिटायर हो चुके हैं। तीसरे भाई रोहताश कृषि विभाग में सहायक कृषि अधिकारी के पद से रिटायर हो चुके हैं। रमेश चौथे नंबर पर थे। सबसे छोटे भाई सुरेश आटा चक्की चलाते हैं। वे ऋषि नगर में चलाए जा रहे दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में सहायक के तौर पर भी काम करते हैं।

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यह थानेदार है पहले इसको देखते हैं…
भतीजे अमित ने बताया कि रात मैं घर में सो रहा था। करीब 10.30 कुछ लोग हुडदंग कर रहे थे। वे हमारे ही समाज के थे। वे हमें अच्छी तरह जानते भी हैं। गाली गलौज करने लगे तो उन्हें टोका। इस पर वे धमकी देकर चले गए। लगभग 11 बजे करीब 15 लोग हाथ में डंडे, गंडासी, ईंटें लेकर आए चाचा के घर के बाहर ईंटें बरसाने लगे। चाचा बाहर आए तो बोले- यह थानेदार है पहले इसको देखते हैं।

इसी के साथ उनके सिर पर ईंट से वार किया। अन्य लोग डंडों से पीटने लगे। मैं दौड़कर आया और चाचा को बचाने लगा तो धमकी दी कि एक का तो काम कर दिया, तुझे भी नहीं छोड़ेंगे। इसके बाद वे भाग गए। नई सब्जी मंडी चौकी इंचार्ज एसआई राजबाला ने कहा कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाशी में जुटे हैं।

यह है मामला-
हिसार के मिलगेट क्षेत्र में स्थित श्यामलाल की ढाणी में वीरवार रात हुड़दंग कर रहे कुछ लोगों ने टोकने पर मामूली कहासुनी के दौरान हरियाणा पुलिस के उपनिरीक्षक रमेश कुमार की ईंट-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने शुक्रवार को पिता-पुत्र सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए भाग रहे तीन आरोपी गिरने से चोटिल हो गए। इनके हाथ-पैर में फ्रैक्चर हो गया है। पुलिस ने मौके से हमलावरों की एक कार और दो स्कूटी बरामद की हैं। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 6 बजे परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

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‘वे कहते थे रिटायरमेंट के बाद दाढ़ी रखूंगा’
एसआई रमेश के सहयोगी दिनेश कुमार ने बताया कि उन्हें घुड़सवारी का शौक था। वे हर जरूरतमंद की मदद करने में आगे रहते थे। वे अक्सर कहते थे रिटायरमेंट के बाद दाढ़ी रखूंगा। फिर भारत भ्रमण के लिए निकलूंगा। एक महीना पहले ही स्वास्थ्य सुधारने के लिए चाय भी छोड़ दी थी।

मार्निंग वॉक, जिम जाने और अच्छे कपड़े पहनने का भी शौक था। दिनेश कुमार ने बताया कि रमेश कुमार वर्दी बहुत कम ही पहनते थे। आसपास के काफी लोगों को तो पता भी नहीं था कि वह पुलिस में हैं। अक्सर सादी वर्दी में डयूटी पर आते थे। उन्होंने पारिवारिक व स्वास्थ्य कारणों से 10 नवंबर से एक माह के लिए छुट्टी मंजूर कराई थी।

छोटी बेटी की शादी का जिक्र करते थे…
बड़ी बेटी रेणु की शादी के बाद छोटी बेटी सुजाता की शादी के लिए बात करते थे। अक्सर कहते थे कि यह जिम्मेदारी भी पूरी हो जाए तो बहुत बड़ा बोझ कम हो जाएगा। बेटे की शादी की चिंता नहीं है। वह चाहे तो खुद कर ले। बेटियों की शादी के बाद अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाऊंगा।

पुलिस के उच्चाधिकारी मिलने पहुंचेएसआई रमेश की मौत की जानकारी मिलने के बाद एसपी शशांक कुमार सावन, एडीजीपी केके राव रात में ही परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार के लोगों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। डीएसपी तनुज शर्मा ने नागरिक अस्पताल पहुंचकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई। एसआई रमेश का शाम करीब 6 बजे पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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