हरिद्वार में कोई आए और हरकी पैड़ी से गुजर रहा हो और एक शब्द, भंडारा करा दो बाबूजी ” से परिचित न हो ऐसा हो नहीं सकता। आज वही चर्चित आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई। हरकी पैड़ी और शिवसेतु पर वर्षों से श्रद्धालुओं के बीच अपनी अलग पहचान बना चुके रमाशंकर गुप्ता उर्फ भंडारा किंग अब इस दुनिया में नहीं रहे।
रमाशंकर गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले थे, लेकिन कई वर्ष पहले हरिद्वार आकर यहीं बस गए थे। शुरुआत में उन्होंने हरकी पैड़ी क्षेत्र में गुजर-बसर की और बाद में आसपास के भोजनालयों से खाना लेकर श्रद्धालुओं के माध्यम से भंडारा कराने का काम शुरू किया। इसी से उन्हें कमीशन मिलता था और आजीविका चलती थी।






