रमजान- पश्चिम एशिया में तनाव के बीच खाड़ी देशों में ईद कल, विशेष प्रतिबंध लागू

खाड़ी देशों में इस बार ईद का त्योहार एक बेहद चुनौतीपूर्ण और अनिश्चित माहौल में मनाया जाने वाला है। आसमान में मिसाइलों और ड्रोनों की हलचल, सायरन की आवाजें और डर के बीच लोग शुक्रवार को ईद मनाने की तैयारी कर रहे हैं। यह दिन रोजों के महीने रमजान के समापन का प्रतीक है।

 

ईद की खुशियों के बीच लोग घरों में रहने को मजबूर
पश्चिम एशिया के मौजूदा हालातों में ईद के दौरान कोई खास राहत मिलने की संभावना कम ही दिख रही हैं। बार-बार मिलने वाली चेतावनियों के कारण ज्यादातर परिवार घरों में ही रहने को मजबूर हैं। बच्चों की स्कूल की पढ़ाई ऑनलाइन चल रही है। हालांकि, डर के बावजूद कुछ लोग सामान्य जीवन जीने की कोशिश में बाजारों का रुख कर रहे हैं। अबू धाबी में रहने वाले एक भारतीय इंजीनियर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, कि लोग इस स्थिति के लंबे समय तक चलने वाले असर को लेकर चिंतित हैं। वहीं, जेद्दा में काम करने वाले एक भारतीय स्वास्थ्यकर्मी ने कहा कि यह एक बुरा दौर है जो जल्द ही बीत जाएगा।

सुरक्षा देखते हुए लागू विशेष प्रतिबंध
इस बीच सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने एलान किया है कि इस साल ईद की नमाज खुले मैदानों के बजाय केवल मस्जिदों के अंदर ही होगी। वहीं कतर ने भी सुरक्षा कारणों से घोषणा की है कि इस वर्ष की ईद-उल-फितर की नमाज पूरे देश की मस्जिदों में, इमारतों के अंदर ही अदा की जाएगी। प्रशासन का मकसद नमाजियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि इन सबके बावजूद, महिलाएं आखिरी समय की खरीदारी के लिए मॉल जा रही हैं। सरकारी अधिकारी एक-दूसरे को ईद की बधाई दे रहे हैं। प्रशासन आसमान की सुरक्षा के साथ-साथ जमीन पर भी व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात काम कर रहा है। हर कोई यही दुआ कर रहा है कि इस ईद के साथ युद्ध खत्म होने या कम से कम युद्धविराम की कोई अच्छी खबर आए।

हालांकि, जो लोग किसी तरह हवाई जहाज की सीटें बुक करवाने में कामयाब रहे हैं और जिन्हें घर से काम करने की सुविधा मिली है उन्होंने अपने वतन वापस लौटने का ही फैसला किया है। बुधवार को पहले यह खबर आई थी कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने यूएई, सऊदी अरब और ओमान पर केंद्रित निर्धारित और गैर-निर्धारित सेवाएं चलाएंगी। क्योंकि खाड़ी के कुछ मार्ग अस्थायी रूप से निलंबित हैं। दोनों एयरलाइनों ने कहा कि वे जेद्दा (सऊदी अरब) और मस्कट (ओमान) के लिए निर्धारित उड़ानें जारी रखेंगी, जिसमें भारत और जेद्दा के बीच 16 उड़ानें शामिल हैं। ताकि लोग अपने वतन लौट सकें।

और पढ़े  सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हमले: 3 लोगों की मौत, होर्मुज के वैकल्पिक मार्ग पर भी मंडराया खतरा?

संकट का दुनिया भर में दिखने लगा है असर
इस संकट की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब इस्राइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था। इसके बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में हत्याओं, बमबारी और जवाबी हमलों का सिलसिला शुरू हो गया। इस युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ रहा है, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अरब देशों पर निर्भर हैं। युद्ध के चलते कतर से होने वाली एलएनजी की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है।

  • Related Posts

    फ्लाईदुबई- कैप्टन स्मित को इस्राइल में मिलेगा सर्वोच्च नागरिक सम्मान

    इस्राइल ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने गुरुवार को इस सम्मान की…

    आज 6 सीटों पर उपचुनाव की मतगणना,असम में लोकसभा, बंगाल-तमिलनाडु में चार विधानसभा सीटें

    आज पांच विधानसभा सीटों समेत कुल छह सीटों के चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे। असम में नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव कराए गए हैं। बंगाल-तमिलनाडु में चार विधानसभा सीटों पर…