राममंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में अब चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के जरिए ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन, मतलब पूरे आय-व्यय की गहनता से जांच की जाएगी। अब तक इस पहलू को एसआईटी ने बारीकी से नहीं देखा था। जल्द शासन आईपीएस की अध्यक्षता में गठित एसआईटी में सीए को शामिल करेगा।
अब तक जो जांच हुई, उसमें स्पष्ट हुआ था कि दान राशि की गणना के दौरान ही रकम पार की जाती रही थी। लेकिन अब जो जांच होगी, उसमें ट्रस्ट के गठन से लेकर अब तक के ऑडिट की जांच की जाएगी। हालांकि पहली एसआईटी ने इस पहलू पर जांच की थी, लेकिन उसमें बहुत गहनता से जांच नहीं की गई थी। अब इस पहलू की तफ्तीश बेहतर ढंग से होगी। अगर इसमें किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है, तो ट्रस्ट के कोष के जिम्मेदार भी जांच की जद में आएंगे।
चूंकि नई एसआईटी में अयोध्या आईजी व एसएसपी अयोध्या हैं, ऐसे में उन्हें मामले की पूरी जानकारी पहले से ही है। एसएसपी के पर्यवेक्षण में ही केस की विवेचना चल रही है। लिहाजा, हर एक तथ्य से वे वाकिफ हैं। अब एसआईटी के तौर पर दोनों अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। पहली एसआईटी की जांच में जो तथ्य आए हैं, उनसे संबंधित दस्तावेज ले लिए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट को भी शामिल कर लिया है। एक-दो दिन में एसआईटी के अध्यक्ष आईजी रेंज, लखनऊ भी अयोध्या जा सकते हैं।







