राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में गठित नई एसआईटी जांच की परत-दर-परत समीक्षा करेगी। डीआईजी और एसएसपी के जुड़ने से सुपरविज मजबूत होगा। माना जा रहा है कि जल्द ही नई एसआईटी के अध्यक्ष की मौजूदगी में बैठक करके आगे की रणनीति तय की जाएगी।
आरोपी और गवाहाें से फिर हो सकती है पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी सबसे पहले अब तक की केस डायरी, धारा 161 बीएनएसएस के तहत दर्ज बयान, पुलिस रिमांड के दौरान प्राप्त तथ्यों, जब्ती मेमो, बरामदगी, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, सीडीआर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का मिलान करेगी। यदि किसी कड़ी में कमी या विरोधाभास मिलता है तो संबंधित गवाहों और आरोपियों से दोबारा पूछताछ की जा सकती है। वहीं, डीआईजी के जुड़ने से विवेचना की सुपरविजन नोट के माध्यम से समय-समय पर समीक्षा होगी। जबकि एसएसपी के होने से सर्विलांस, साइबर सेल, तकनीकी प्रकोष्ठ और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय रहेगा। इससे तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का परस्पर मिलान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी सबसे पहले अब तक की केस डायरी, धारा 161 बीएनएसएस के तहत दर्ज बयान, पुलिस रिमांड के दौरान प्राप्त तथ्यों, जब्ती मेमो, बरामदगी, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, सीडीआर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का मिलान करेगी। यदि किसी कड़ी में कमी या विरोधाभास मिलता है तो संबंधित गवाहों और आरोपियों से दोबारा पूछताछ की जा सकती है। वहीं, डीआईजी के जुड़ने से विवेचना की सुपरविजन नोट के माध्यम से समय-समय पर समीक्षा होगी। जबकि एसएसपी के होने से सर्विलांस, साइबर सेल, तकनीकी प्रकोष्ठ और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय रहेगा। इससे तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का परस्पर मिलान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
जांच व्यापक होने की संभावना







