राजाजी टाइगर रिजर्व- वन्य जीव प्रेमियों का इंतजार हुआ खत्म…सैलानियों के लिए शनिवार से खुलेंगे राजाजी के गेट

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न्य जीवों का दीदार करने के लिए अब पर्यटकों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। शनिवार यानी 15 नवंबर से राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में जंगल सफारी शुरू कर दी जाएगी। पार्क प्रशासन ने सभी तरह की तैयारी पूरी कर ली हैं।

शनिवार को पूजा-अर्चना के साथ पर्यटकों के लिए गेट खोल दिए जाएंगे। प्राकृतिक सुंदरता और विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों के दीदार के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला और मोतीचूर रेंज का अपना अलग ही महत्व है। यहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक वन्य जीवों का दीदार करने के लिए पहुंचते हैं।

पर्यटक जंगल सफारी के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों का दीदार भी करते हैं। यहां हाथी, गुलदार, हिरण, चीतल, सांभर और मोर सहित विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों का दीदार किया जा सकता है। मोतीचूर रेंज अधिकारी महेश सेमवाल ने बताया कि पार्क प्रशासन ने सभी तरह की तैयारी पूरी कर ली है। मोतीचूर रेंज में ट्रांसलोकेट कर ले गए टाइगर, 600 से अधिक हाथी, सफेद सांभर, हिरण, मोर सहित विभिन्न प्रकार के वन्य जीव हैं। उन्होंने बताया कि मोतीचूर रेंज में पर्यटकों की सुविधा के लिए विशेष टिकट काउंटर का निर्माण चल रहा है जो जल्द ही पूरा हो जाएगा।

शुल्क में नहीं हुआ कोई बदलाव
वन्यजीवों का दीदार करने के लिए आने वाले पर्यटकों के लिए पार्क प्रशासन ने प्रवेश शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की है। मोतीचूर रेंज अधिकारी महेश सेमवाल के अनुसार भारतीय पर्यटक से 150 रुपये, विदेशी से 600, भारतीय वाहन से 250, विदेशी वाहन से 500 रुपये का प्रवेश शुल्क लिया जाएगा। छात्रों को प्रवेश शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है। वन विश्राम भवन में ठहरने का शुल्क 1000 रुपये निर्धारित किया गया है। व्यावसायिक कैमरा शुल्क 500 रुपये लिया जाएगा।

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डग्गामार वाहनों पर लगाई रोक
राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में डग्गामार वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। पर्यटकों को वन्यजीवों का दीदार करने के लिए जिन वाहनों को प्रवेश की अनुमति मिली है उनका रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। टैक्सी नंबर और रजिस्टर्ड वाहन ही पर्यटकों को जंगल सफारी करा सकेंगे।


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