हल्द्वानी: एक रईस के दस्तावेज लगाकर दूसरे रईस का बनाया फर्जी स्थायी प्रमाण पत्र।

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हसील में कार्यरत एक अरायजनवीस ने एक ही नाम के दूसरे व्यक्ति के दस्तावेज लगाकर यूपी के रईस अहमद नामक व्यक्ति का फर्जी तरीके से स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवा दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद बृहस्पतिवार को आयुक्त दीपक रावत ने अरायजनवीस के घर और उसके सीएससी सेंटर पर छापा मारा तो वहां से कई लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और बिजली के बिल आदि कागज बरामद हुए। आयुक्त ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

आयुक्त रावत ने बताया कि कुछ दिन पहले बरेली निवासी रईस अहमद ने उनसे शिकायत की थी कि उसके नाम से एक अन्य रईस अहमद ने फर्जी तरीके से स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाया हुआ है। आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया और बृहस्पतिवार की शाम खुद ही इसकी जांच करने बनभूलपुरा स्थित अरायजनवीस के घर व सीएससी सेंटर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि अरायजनवीस फैजान मिकरानी के पास रईस अहमद नामक एक व्यक्ति स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचा था। फैजान ने बरेली निवासी रईस अहमद के दस्तावेजों का उपयोग कर स्थायी निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन पत्र में एक ऐसे व्यक्ति का फोन नंबर दर्ज किया जो पूर्व में किसी काम से उसके पास पहुंचा था। उसने इस व्यक्ति से उसके मोबाइल में आया ओटीपी भी मांगकर रईस अहमद का फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवा लिया।

 

बनभूलपुरा में स्थित दूसरा सीएचसी सेंटर बंद मिला

दीपक रावत ने बताया कि छापे में फैजान के यहां से अलग-अलग नामों के कई पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड समेत कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो संबंधित व्यक्तियों के पास होने चाहिए। उन्होंने कहा कि फैजान इन दस्तावेजों का फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर जालसाजी कर रहा था जो कि गंभीर अपराध है। बताया कि फैजान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि यह भी जांच की जा रही है कि इससे पहले उसने कितने लोगों के फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र बनवाए हैं। छापे के दौरान आयुक्त रावत को बनभूलपुरा में स्थित आरोपी का दूसरा सीएचसी सेंटर बंद मिला। आयुक्त ने कहा है कि तहसील परिसर में यदि बिना लाइसेंस के अराजनवीस कार्य करते मिलेंगे तो कार्रवाई होगी। कहा कि इस प्रकरण पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे सारे प्रमाण पत्रों और प्रकरणों की जांच भी की जाएगी।

सरकारी कार्मिकों की मिलीभगत भी हुई है उजागर

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आयुक्त ने देवेंद्र पांडे और उनकी पत्नी नंदी पांडे, जलीस से भी पूछताछ की। इनके नाम से फैजान ने फर्जी ईमेल आईडी तैयार की थी। पूछताछ में इन फर्जी दस्तावेज को बनाने में सरकारी विभागों के कार्मिकों की मिलीभगत सामने आई है। आयुक्त को सैकड़ों पुराने विद्युत बिल भी मिले हैं जो दस्तावेजों के तहत फर्जी रूप में लगाए गए हैं। इस पर आयुक्त ने विद्युत विभाग के संबंधित कर्मचारी से भी पूछताछ की है। जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी दस्तावेज़ बनाते समय दूसरे व्यक्ति के मोबाइल नंबरों का भी दुरुपयोग किया गया है। रावत ने दस्तावेजों को ऑनलाइन सत्यापित करने वाले संबंधित क्षेत्र के पटवारी की भी जांच के निर्देश एसडीएम हल्द्वानी को दिए। उन्होंने पुलिस क्षेत्राधिकारी को गहनता से इस मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।


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