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संचालक पंकज विश्वकर्मा
पत्रकार के बैंक खाते में महादेव सट्टेबाजी के पैसे का हुआ लेनदेन, पत्रकार ने खुद बचने के लियेCA को फंसाया……. *मेघा तिवारी की रिपोर्ट* रायपुर(छत्तीसगढ़) पत्रकार पंकज विश्वकर्मा के बैंक खाते में महादेव सट्टेबाजी के पैसे का लेनदेन हुआ। वही पत्रकार पंकज विश्वकर्मा ने इस मामले से बचने अपने CA को फंसा दिया है। और EOW की नजरों में बेगुनाह साबित हो गया। ज्ञात हो कि महादेव सट्टा एप्प के संबंध में थाना खमतराई क्षेत्र में एफ आई आर क्रमांक 0685 दिनांक 11.08.2023 को की गई एफ.आई.आर. में मुख्य आरोपी एवं सहयोगियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। व आरोपियों को जेल भेजा गया था, इसमें इन्टरनल जांच में कुछ चौकाने वाले नाम भी सामने आये थे जिसमें आर.एन.एन न्यूज 24 वेब पोर्टल पुरानी बस्ती महिला समृद्धि बाजार काम्पेल्स रायपुर संचालक पंकज विश्वकर्मा पर उनके सहयोगी के बैंक एकाउन्ट भी सामने आने पर उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नही की गई कार्यवाही के पूर्व ही पंकज विश्वकर्मा को बचाने के लिए उनके मित्र को झूठी कहानी बताई व मनगढंत स्टोरी के साथ जांच अधिकारियों पर दबाव बनाकर उनके नाम को बाहर निकालने का रास्ता ढुढ़ा गया। बताया जा रहा है कि पंकज विश्वकर्मा के द्वारा बैक-डेट में एक आवेदन प्रत्र लिया गया उस आवेदन पत्र में उनके खाते का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा किया जाने का हवाला दिया गया जो कि एक फिल्मी कहानी है,उक्त व्यक्ति बर्नब्लैक आफिस का संचालक मोहम्मद फरान जो की पेशे से सी.ए. है उनके पास जाकर स्वयं ने अपने नाम से व सहयोगी के नाम से कम्पनी रजिस्टेशन करवाया था, उक्त कम्पनी में महादेव सट्टा एपप का लेनदेन पंकज विश्वकर्मा के द्वारा ही किया गया जब महादेव सट्टा एप्प के खिलाफ कार्यवाही शुरू हुई तो पंकज विश्वकर्मा ने बड़ी चालाकी से अपने नाम को केस से हटाने का रास्ता दुढ़ा गया व मनगढन्त कहानी बनाकर मोहम्मद फरान सी.ए. व अन्य को फसाकर स्वयं को पाक-साफ होना दिखाया जो कि एक साजिश के झूठी शिकायत व आवेदन दिया गया व आवेदन के आधार पर पंकज विश्वकर्मा का पुलिस में बयान दर्ज हुआ बयान में मोहम्मद फरान से मिलाने वाले व्यक्ति का नाम खिलेन्द्र साहू एवं उपेन्द्र दास होना बताया। संदिग्ध हिरासत में उक्त व्यक्ति बर्नब्लैक आफिस का संचालक मोहम्मद फरान जो की पेशे से सी.ए. है उनके पास जाकर स्वयं ने अपने नाम से व सहयोगी के नाम से कम्पनी रजिस्टेशन करवाया था, उक्त कम्पनी में महादेव सट्टा एपप का लेनदेन पंकज विश्वकर्मा के द्वारा ही किया गया जब महादेव सट्टा एप्प के खिलाफ कार्यवाही शुरू हुई तो पंकज विश्वकर्मा ने बड़ी चालाकी से अपने नाम को केस से हटाने का रास्ता दुढ़ा गया व मनगढन्त कहानी बनाकर मोहम्मद फरान सी.ए. व अन्य को फसाकर स्वयं को पाक-साफ होना दिखाया जो कि एक साजिश के झूठी शिकायत व आवेदन दिया गया व आवेदन के आधार पर पंकज विश्वकर्मा का पुलिस में बयान दर्ज हुआ बयान में मोहम्मद फरान से मिलाने वाले व्यक्ति का नाम खिलेन्द्र साहू एवं उपेन्द्र दास होना बताया।









