जर्मनी में रेल सेवाएं ठप, संचार प्रणाली में आई खराबी; स्टेशनों पर फंसे हजारों यात्री

संचार प्रणाली में आई तकनीकी खराबी के कारण मंगलवार देर रात जर्मनी की रेल सेवाएं ठप हो गईं। इसके चलते देशभर में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेनें रुक जाने से कई यात्री विभिन्न स्टेशनों पर फंस गए। अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश कर रहे यात्रियों की स्टेशन सूचना केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं, जहां वे आगे की यात्रा के बारे में जानकारी लेने पहुंचे थे।

जर्मनी की प्रमुख राष्ट्रीय रेल कंपनी डॉयचे बान (Deutsche Bahn) ने बताया कि जीएसएम-आर (GSM-R) डिजिटल संचार प्रणाली में देशव्यापी समस्या आने के कारण सभी ट्रेनों को स्टेशनों पर रोक दिया गया। यह प्रणाली रेलवे नेटवर्क के भीतर आंतरिक संचार के लिए इस्तेमाल की जाती है।
जर्मनी में क्यों खराब हुई संचार प्रणाली?
डॉयचे बान ने आधी रात जारी बयान में कहा कि समस्या की वजह का पता लगा लिया गया है, लेकिन यह नहीं बताया कि खराबी किस कारण हुई। कंपनी ने कहा, “तकनीशियन समाधान निकालने के लिए गहनता से काम कर रहे हैं।” कंपनी ने कहा कि प्रभावित यात्रियों को टैक्सी और होटल वाउचर उपलब्ध कराए जाएंगे। जहां संभव होगा, वहां स्टेशनों पर खड़ी ट्रेनों को यात्रियों के बैठने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी ने स्थिति के लिए खेद भी जताया।

खराबी की सूचना मिलने के करीब दो घंटे बाद नेटवर्क के कुछ हिस्सों में ट्रेन सेवाएं फिर से शुरू हो गईं। बर्लिन के कम्यूटर रेल नेटवर्क ने कहा कि ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन यात्रियों को अभी भी देरी और रद्द होने की आशंका के लिए तैयार रहना चाहिए। पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी जर्मनी के कुछ हिस्सों में क्षेत्रीय रेल सेवाएं संचालित करने वाली डीबी रेजियो मिट्टे (DB Regio Mitte) ने भी बताया कि सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। हालांकि बुधवार सुबह कम से कम छह बजे तक देरी और रद्दीकरण की स्थिति बनी रह सकती है।

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ट्रेनों में देरी और सेवा बाधित होने की बढ़ी शिकायतें
ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस-रेलवे (GSM-R) रेलवे संचालन के लिए जरूरी वॉयस और डेटा सेवाएं उपलब्ध कराता है। इसके जरिए ट्रेन चालकों और नियंत्रण केंद्रों के बीच संचार स्थापित किया जाता है। यूरोपीय संघ रेलवे एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2000 से पूरे यूरोप में इसे रेलवे संचालन के साझा मानक के रूप में लागू किया गया है।
हाल के वर्षों में जर्मनी में ट्रेनों की देरी और सेवा बाधित होने की शिकायतें लगातार बढ़ी हैं। सरकारी स्वामित्व वाली डॉयचे बान वर्षों तक निवेश की कमी रहने के बाद अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए प्रमुख रेल मार्गों पर व्यापक लेकिन व्यवधान पैदा करने वाले आधुनिकीकरण कार्य कर रही है। जर्मनी की रेल सेवाएं अतीत में भी कुछ मौकों पर पूरी या बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं, लेकिन उन मामलों में वजह तकनीकी समस्या नहीं बल्कि तूफान रहे थे।
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