पश्चिम एशिया में जंग खत्म करने की तैयारी?: आगे बढ़ी ईरान-अमेरिका वार्ता, युद्धविराम पर जल्द बन सकती है सहमति

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श्चिम एशिया में जारी तनाव और संकट को खत्म करने की दिशा में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में बड़ी प्रगति होती दिखाई दे रही है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान गुरुवार को मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका के उस प्रस्ताव पर अपना जवाब दे सकता है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय संकट का समाधान निकालना और तनाव को पूरी तरह समाप्त करना है।

 

दोनों एक प्रांरभिक समझोते की दिशा में आगे बढ़ रहे

सूत्रों के अनुसार, तेहरान अभी भी अमेरिका समर्थित प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, लेकिन दोनों पक्ष संभावित समझौते के काफी करीब पहुंचते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच जारी बातचीत एक प्रारंभिक समझौते की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे मौजूदा संकट को रोका जा सके और व्यापक परमाणु वार्ता का रास्ता तैयार हो सके।

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों और वार्ता से जुड़े सूत्रों ने इसे संघर्ष शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम बताया है। हालांकि अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है।

 

क्या है प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य?

रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित समझौता एक 14 बिंदुओं वाले एक पन्ने के मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर आधारित है। इसका उद्देश्य तत्काल युद्धविराम लागू करना और अगले 30 दिनों के भीतर व्यापक समझौते के लिए बातचीत शुरू करना है।

प्रस्ताव के तहत ईरान अस्थायी रूप से अपने परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को रोक सकता है। इसके बदले अमेरिका ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंध हटाने और ईरानी संपत्तियों में फंसे अरबों डॉलर को जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। साथ ही दोनों देश होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम करने और समुद्री आवाजाही को आसान बनाने की दिशा में भी काम करेंगे।

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हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि समझौते की कई शर्तें आगे की बातचीत के नतीजों पर निर्भर होंगी। ऐसे में भविष्य में फिर से तनाव बढ़ने या लंबे समय तक अनिश्चितता बने रहने की आशंका भी बनी हुई है।

 

कहां हो सकती है बातचीत?

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य गतिविधियों को कम करने का फैसला इसी कूटनीतिक प्रगति को देखते हुए लिया था। इस पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया का नेतृत्व अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे सीधे संपर्क और तीसरे पक्ष के मध्यस्थों के जरिए तेहरान से बातचीत कर रहे हैं।

अगर यह समझौता औपचारिक रूप लेता है, तो इसे आधिकारिक तौर पर युद्ध समाप्ति की घोषणा माना जाएगा। साथ ही तकनीकी और परमाणु मुद्दों पर आगे की बातचीत इस्लामाबाद या जेनेवा में हो सकती है।


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