सुप्रीम कोर्ट ने मानवीय आधार पर बांग्लादेश की एक गर्भवती महिला और उसकी आठ वर्षीय बेटी को भारत में प्रवेश की इजाजत दे दी है। बताया गया है कि इस महिला को कुछ महीने पहले सीमा पार करा बांग्लादेश भेज दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार को बच्चे की देखभाल का निर्देश दिया और बीरभूम जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को गर्भवती महिला सुनाली खातून को हरसंभव चिकित्सीय सहायता देने को कहा।








