प्रतीक यादव: पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक से मांगी चार करोड़ की रंगदारी, फंसाने की धमकी दी

Spread the love

 

 

पा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई व राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव ने चिनहट के पूर्वांचल सिटी निवासी रियल एस्टेट कारोबारी कृष्णानंद पांडेय, उनकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक पांडेय के खिलाफ गौतमपल्ली थाने में रंगदारी मांगने, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया है। आरोप है कि आरोपियों ने प्रतीक से कारोबार में निवेश के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए। रुपये वापस मांगने पर पॉस्को एक्ट में फंसाने और फेक ऑडियो वायरल करने की धमकी देने लगा। इतना ही नहीं आरोपियों ने उनसे चार करोड़ की रंगदारी भी मांगी।सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई व राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव ने चिनहट के पूर्वांचल सिटी निवासी रियल एस्टेट कारोबारी कृष्णानंद पांडेय, उनकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक पांडेय के खिलाफ गौतमपल्ली थाने में रंगदारी मांगने, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया है। आरोप है कि आरोपियों ने प्रतीक से कारोबार में निवेश के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए। रुपये वापस मांगने पर पॉस्को एक्ट में फंसाने और फेक ऑडियो वायरल करने की धमकी देने लगा। इतना ही नहीं आरोपियों ने उनसे चार करोड़ की रंगदारी भी मांगी।

सपा संस्थापक मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव मौजूदा समय में विक्रमादित्य मार्ग पर रहते हैं। उनकी पत्नी अपर्णा यादव उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। पुलिस से की गई शिकायत में प्रतीक ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2011-12 में उनकी मुलाकात कृष्णानंद पांडेय से हुई थी। वह कई बार बिजनेस का प्रस्ताव लेकर आए। करीब दो-तीन साल लगातार मेलजोल बढ़ाने पर कृष्णानंद पांडेय की बातों में आ गया।

और पढ़े  अयोध्या- CM का अयोध्या आगमन 19 को, वैक्स म्यूजियम और जोनल कार्यालय का करेंगे लोकार्पण महापौर ने नगर आयुक्त संग कार्यक्रम स्थल भ्रमण कर लिया तैयारियों का जायजा

 

आरोपी ने खुद को रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा बताया। इसके बाद एक कंपनी 25 मई 2015 को बनाई। इसमें कृष्णानंद पांडेय और यूएस विस्ट को निदेशक और प्रतीक यादव को प्रमोटर बनाया गया। इसके बाद प्रतीक यादव से कंपनी में निवेश कराया गया। आरोपी कृष्णानंद पांडेय ने अपनी आर्थिक स्थिति और पारिवारिक समस्याओं का हवाला देकर उधार मांगने लगा। उसकी बातों में आकर प्रतीक ने कई बार उसे पैसे दिए।

साल 2020 में प्रतीक कोविड की चपेट में आ गए। इसी दौरान सितंबर 2022 में मां का, अक्तूबर 2022 में पिता का और नवंबर 2022 में मामा का निधन हो गया। मानसिक तनाव व बीमारी के चलते प्रतीक का मेदांता अस्पताल में इलाज चलने लगा। इसी का फायदा उठाकर कृष्णानंद पांडेय उनसे पैसे लेने के लिए तरह-तरह की बातें करने लगा। इस साजिश में उसकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक कुमार पांडेय भी शामिल रहे। 

ईमेल-वॉट्सऐप पर पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी दी

प्रतीक यादव का आरोप है कि तबीयत ठीक होने पर उनको पता चला कि कृष्णानंद पांडेय एक गलत आदमी है। वह साजिश के तहत उनके करीब आया और उनके संपर्कों का दुरुपयोग किया। जब उन्होंने हिसाब मांगा तो वह टालमटोल करने लगा। बाद में उसने उनको पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी ईमेल और वॉट्सऐप पर दी। परिवार की छवि खराब करने के लिए एक फर्जी ऑडियो क्लिप वायरल करने की धमकी भी दी। यही नहीं, कृष्णानंद पांडेय और उसकी पत्नी वंदना पांडेय ने फोन और ईमेल के जरिए चार करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। इंस्पेक्टर गौतमपल्ली पंकज कुमार ने बताया कि रविवार को केस दर्ज किया गया है। जल्द आरोपियों से पूछताछ और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

और पढ़े  राममंदिर के चढ़ावे में गबन-: आखिर अब तक क्यों नहीं दर्ज कराई FIR, अब एसआईटी आगे, सब पीछे

Spread the love
  • Related Posts

    अयोध्या- भगवान राम के मंदिर भी चोरो से सुरक्षति नहीं- सत्यभान सिंह जनवादी 

    Spread the love

    Spread the love     शहीद भगतसिंह स्मृति ट्रस्ट के चेयरमैन सत्यभान सिंह जनवादी ने राम मंदिर चढ़ावे में चोरी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अब…


    Spread the love

    सपा में टूट की खबर, 25 से 27 सांसदों के टूट जाने की बात, सपा का पलटवार

    Spread the love

    Spread the loveयूपी में समाजवादी पार्टी क्या टूटने जा रही है। बीते कुछ समय से भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेता लगातार सपा में टूट की बात कह रहे…


    Spread the love