फ्रांस के मंत्री से मिले प्रल्हाद जोशी: छात्रों-शिक्षकों के लिए बढ़ेंगे मौके, किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

 केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने छात्रों और शिक्षकों की आवाजाही बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में भारत-फ्रांस साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

बैठक के बाद प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 दोनों देशों के बीच साझेदारी को और गहरा करने का मजबूत मंच है। इससे शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में बेहतर संपर्क के जरिए नवाचार को बढ़ावा देने और भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं को विकसित करने में मदद मिलेगी।

प्रल्हाद जोशी ने क्या कहा?

बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा, “फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री महामहिम श्री फिलिप बैप्टिस्ट के साथ भारत-फ्रांस शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार साझेदारी को और मजबूत करने के लिए बातचीत की।”

उन्होंने आगे कहा, “छात्रों और शिक्षकों की आवाजाही बढ़ाने, संस्थागत साझेदारी और संयुक्त अनुसंधान को मजबूत करने, संशोधित पारस्परिक योग्यता मान्यता समझौते को आगे बढ़ाने और स्पार्क, ज्ञान तथा जीवन विज्ञान एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में फ्रांको-इंडियन कैंपस के जरिए सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।”

किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

बैठक में दोनों देशों के बीच शिक्षा और शोध से जुड़े कई विषयों पर बात हुई। इनमें खास तौर पर छात्रों और शिक्षकों के लिए दोनों देशों के बीच आवाजाही बढ़ाना शामिल है।

इसके अलावा संस्थानों के बीच साझेदारी और संयुक्त शोध को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। संशोधित पारस्परिक योग्यता मान्यता समझौते को आगे बढ़ाने के मुद्दे पर भी बातचीत हुई।

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दोनों देशों के बीच स्पार्क (SPARC), ज्ञान (GIAN) और जीवन विज्ञान एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में फ्रांको-इंडियन कैंपस के जरिए सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

 

नीस में प्रस्तावित आईआईटी कैंपस पर क्या बात हुई?

बैठक में फ्रांस के नीस शहर में प्रस्तावित आईआईटी कैंपस का मुद्दा भी उठा। शिक्षा मंत्री ने इस प्रस्ताव पर चर्चा की। इसके साथ ही भारत इनोवेट्स 2026 के तहत बनी गति को आगे बढ़ाने पर भी बातचीत हुई।

भारत और फ्रांस के बीच शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाने के लिए हुई यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के तहत दोनों देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

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