पोप फ्रांसिस- पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार शनिवार को होगा,वेटिकन ने शुरू की तैयारी..

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पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार शनिवार को सुबह होगा। वेटिकन ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी है। ताबूत में लेटे पोप फ्रांसिस की पहली तस्वीर सामने आई है। तस्वीर में पोप फ्रांसिस के पास वेटिकन राज्य सचिव प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं। वेटिकन के मुताबिक पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार शनिवार को सुबह 10 बजे किया जाएगा। यह प्रक्रिया कार्डिनल्स कॉलेज के डीन कराएंगे। वहीं कार्डिनल्स ने सेंट पीटर्स बेसिलिका में पोप फ्रांसिस के सार्वजनिक दर्शन बुधवार सुबह से शुरू करने का निर्णय लिया है।

वहीं तमिलनाडु सरकार की ओर से मंत्री एसएम नासर और डॉ. एस इनिगो इरुदयाराज पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। तमिलनाडु विधानसभा ने दिवंगत पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि देते हुए एक शोक प्रस्ताव पारित किया।

 

 

पोप फ्रांसिस का 21 अप्रैल को 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें ‘पीपुल्स पोप’ (लोगों के प्रिय पोप) के रूप में जाना जाता था। वे लैटिन अमेरिका से पोप बनने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने वेटिकन के कासा सांता मार्टा स्थित अपने निवास पर सुबह 7.30 बजे (स्थानीय समयानुसार) अंतिम सांस ली। वेटिकन समाचार के मुताबिक, वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बीते दिन ईस्टर के अवसर पर लंबे समय के बाद वे लोगों के सामने आए थे।

पोप फ्रांसिस जेसुइट ऑर्डर से पहले पोप थे। 8वीं शताब्दी के बाद से यूरोप के बाहर से पहले पोप थे। अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो के रूप में जन्मे पोप फ्रांसिस 1969 में कैथोलिक पादरी नियुक्त किया गया था। 28 फरवरी, 2013 को पोप बेनेडिक्ट XVI के इस्तीफे के बाद 13 मार्च को एक पोप सम्मेलन ने कार्डिनल बर्गोग्लियो को उनका उत्तराधिकारी चुना। उन्होंने सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी के सम्मान में फ्रांसिस को अपना पोप नाम चुना। अब आधिकारिक शोक की 14 दिन की अवधि होगी, जिसके बाद कार्डिनल मसीह के नए विकर का चुनाव करने के लिए सम्मेलन में जाएंगे।

नौ दिन का शोक, फिर होगा नए पोप का चुनाव
पोप फ्रांसिस के निधन के बाद नौ दिन का शोक मनाया जाएगा। इस अवधि को नोवेन्डिएल कहा जाता है। इसके बाद नए पोप को चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी। कुछ दिनों में दुनियाभर के कार्डिनल पापल कॉन्क्लेव के लिए रोम पहुंच जाएंगे। पोप का चयन कार्डिनल का प्रतिनिधिमंडल करेगा जो कैथोलिक चर्च के सबसे वरिष्ठ पादरी होते हैं। कार्डिनल ही तय करेंगे कि कॉन्क्लेव कब शुरू होगा। आमतौर पर 15-20 दिनों में वेटिकन के सिस्टिन चैपल में नए पोप के चुनाव के लिए पॉपल कॉन्क्लेव शुरू होता है।

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भारत में तीन दिन का राजकीय शोक
पोप फ्रांसिस के निधन पर भारत सरकार ने सोमवार को तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धर्मगुरु (पोप) को श्रद्धांजलि देने के लिए देश में तीन दिन का राजकीय शोक रहेगा।पोप फ्रांसिस पूरी दुनिया में शांति, सेवा और करुणा के लिए जाने जाते थे। उनका निधन सिर्फ ईसाई समुदाय के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक बड़ी क्षति मानी जा रही है। भारत सरकार ने भी इस दुख की घड़ी में संवेदना जताते हुए उनके सम्मान में यह फैसला लिया है।

करीब एक महीने से ज्यादा समय तक अस्पताल में रहे थे भर्ती
पोप फ्रांसिस को 14 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें डबल निमोनिया हो गया था। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका चला था। एक महीने से ज्यादा समय अस्पताल में बिताने के बाद उन्हें छुट्टी दी गई थी। पोप की देखभाल करने वाले सर्जरी प्रमुख सर्जियो अल्फिएरी ने बताया था कि उन्हें दवाइयां की जरूरत पड़ती रहेगी।

युवावस्था में निकाला गया था फेफडे़ का हिस्सा
पोप फ्रांसिस जब जवान थे, तब उनके एक फेफड़े में संक्रमण के कारण उसे हटाना पड़ा था। इस कारण उन्हें सांस से जुड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा था। 2023 में भी उन्हें फेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।

पोप फ्रांसिस का आखिरी संदेश
पोप फ्रांसिस ने अपने आखिर संदेश में जरूरतमंदों की मदद करने, भूखों को खाना देने और विकास को बढ़ावा देने वाली पहलों को प्रोत्साहित करने की अपील की थी। ईस्टर पर जारी अपने संदेश में उन्होंने लिखा, ‘मैं हमारी दुनिया में राजनीतिक जिम्मेदारी के पदों पर बैठे सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे डर के आगे न झुकें। डर दूसरों से अलगाव की ओर ले जाता है। सभी जरूरतमंदों की मदद करने, भूख से लड़ने और विकास को बढ़ावा देने वाली पहलों को प्रोत्साहित करने के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करें। ये शांति के हथियार हैं, हथियार जो मौत के बीज बोने के बजाय भविष्य का निर्माण करते हैं! मानवता का सिद्धांत हमारे दैनिक कार्यों की पहचान बनने से कभी न चूके।’

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