सोमवार को अपने 12 साल के कार्यकाल में दूसरी बार राज्य मंत्रियों से रूबरू हुए प्रधानमंत्री बेहद सख्त शिक्षक के रूप में नजर आए। तीन घंटे की समीक्षा बैठक में मौजूद 20 राज्य मंत्रियों (3 स्वतंत्र प्रभार समेत) पर अलग-अलग सवालों की बौछार की।
बैठक में पीएम ने हर मंत्री को टोका। एक मंत्री की मंत्रालय की उपलब्धियां गिनाने से रोकते हुए पीएम ने पूछा- इसको छोड़िए, मंत्री बनने के बाद आप कितने आंगनवाड़ी केंद्र में गई हैं, कितने खिलौने बांटे हैं? एक अन्य मंत्री से पूछा कि उन्होंने रेहड़ी-पटरी वालों की उत्थान से जुड़ी पीएम स्वनिधि योजना के कितने लाभार्थियों से बात की है? व्यक्तिगत रूप से कितनों को इसका लाभ दिलाया है? इसी प्रकार पीएम ने बैठक में मौजूद सभी राज्य मंत्रियों से उनके व्यक्तिगत प्रयासों की जानकारी ली।
इस दौरान पीएम ने एक-एक मंत्रियों से उनकी सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर उपस्थिति, यहां उनकी ओर से उठाए गए मुद्दे, योजनाओं की जानकारी देने संबंधी सवाल दागे। पीएम ने खासतौर पर गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं, नीतियों, कार्यक्रमों और सरकार के बेहतर प्रयासों को सकारात्मक रूप से व्यक्तिगत स्तर और विभिन्न माध्यमों से समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए जीतोड़ प्रयास करने की नसीहत दी।
विस्तार से पहले की कवायद
पीएम जल्द ही राज्य मंत्रियों के दूसरे समूह से इसी प्रकार की समीक्षा बैठक करेंगे। इन बैठकों को जल्द संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इन बैठकों के जरिए पीएम मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन कर रहे हैं। पीएम इससे पूर्व सचिवों के साथ बैठक कर केंद्रीय मंत्रियों के प्रदर्शन की भी समीक्षा कर चुके हैं।





