प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज को शिलांग से लोकसभा सांसद रिकी ए.जे. सिंगकोन के निधन पर दुख जताया और मेघालय के लोगों के लिए उनकी समर्पित सेवा को याद किया। उन्होंने दुख जताते हुए एक्स पर लिखा शिलांग से लोकसभा सांसद डॉ. रिकी ए.जे. सिंगकोन के निधन से दुखी हूं। उन्हें मेघालय के लोगों के लिए उनकी समर्पित सेवा के लिए याद किया जाएगा। इस मुश्किल समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और सपोर्टर्स के साथ हैं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड उन्हे याद करते हुए लिखा शिलांग के सांसद डॉ. रिकी ए जे सिंगकोन के अचानक निधन से बहुत सदमा लगा और बहुत दुख हुआ। डॉ. रिकी एक समर्पित और दयालु नेता थे, जिनमें जनता की सेवा के लिए गहरा जोश और अपने लोगों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता थी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दुख जताते हुए एक्स पर लिखा सांसद डॉ. रिकी ए जे सिंगकोन के निधन से दुखी हूं। सार्वजनिक सेवा और मेघालय के लोगों के प्रति उनके दृढ़ता को सम्मान के साथ याद किया जाएगा। उनके परिवार, दोस्तों और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।
मेघालय के मंत्री वैलादमिकी शायला ने कहा कि सांसद का निधन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि उन लोगों के लिए भी बहुत बड़ा नुकसान है, जिनका उन्होंने प्रतिनिधित्व किया और सेवा की।
मेघालय की शिलांग लोकसभा सीट से सांसद और वॉइस ऑफ द पीपुल पार्टी (वीपीपी) के नेता डॉ. रिकी एजे सिंगकों का गुरुवार शाम निधन हो गया। वह फुटबॉल खेलते समय अचानक मैदान पर गिर पड़े थे। बाद में अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 54 वर्ष के थे।
अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक डॉ. सिंगकों गुरुवार शाम मावलाई मावियोंग के एक मैदान में अपने मित्रों के साथ फुटबॉल मैच खेल रहे थे। खेल के दौरान वह अचानक अस्वस्थ होकर मैदान पर गिर पड़े। उनके साथियों ने तुरंत उन्हें मावियोंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, बताया जा रहा है कि यहां से उन्हें तत्काल जाइव स्थित अस्पताल में रेफर किया गया।
सूत्रों के मुताबिक रात करीब 8:42 बजे उनका निधन हो गया। घटना की सूचना मिलते ही उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग, वीपीपी अध्यक्ष आर्डेंट मिलर बसाइयावम सहित कई विधायक और राजनीतिक नेता अस्पताल पहुंचे। उनके आकस्मिक निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। डॉ. सिंगकों ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के तीन बार के सांसद विन्सेंट एच पाला को 3.7 लाख मतों के भारी अंतर से पराजित कर यह सीट जीती थी। उनके निधन को राज्य की राजनीति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।








