पश्चिम बंगाल से वापस लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर सीधे अपने आवास जाने के बजाय कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर ही रुकने का फैसला किया। इसकी वजह नीट की परीक्षा रही। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट से निकलने में इसलिए देरी की, ताकि परीक्षा देने जा रहे छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। हालांकि, उन्होंने तुरंत अपने आवास के लिए रवाना होने के बजाय कुछ समय तक एयरपोर्ट पर ही रुकने का फैसला किया। उस समय दोपहर 2 बजे से नीट यूजी री-एग्जाम शुरू होना था।
इस वजह से लिया फैसला
अधिकारियों के मुताबिक, यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि उस अहम समय में राष्ट्रीय राजधानी में यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे, जब हजारों अभ्यर्थी अपने-अपने परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे थे। प्रधानमंत्री के काफिले की आवाजाही के दौरान तय मार्गों पर विशेष ट्रैफिक प्रबंधन और अस्थायी प्रतिबंध लागू किए जाते हैं। ऐसे में उनकी रवानगी में देरी कर छात्रों की आवाजाही पर किसी तरह का असर पड़ने से बचने की कोशिश की गई। अधिकारियों ने बताया कि दोपहर 2 बजे परीक्षा शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी एयरपोर्ट से अपने आवास के लिए रवाना हुए।
बता दें कि अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद पिछली परीक्षा रद्द किए जाने के चलते नीट यूजी री-एग्जाम का आयोजन कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच किया जा रहा है। देशभर के 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों के 14 केंद्रों पर 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
NEET परीक्षा के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा की निगरानी और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्था की है। एआई आधारित निगरानी प्रणाली के साथ 1.38 लाख सीसीटीवी कैमरों के जरिए 95 हजार से अधिक परीक्षा कक्षों पर नजर रखी जा रही है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक नकल रोकने के लिए 51 हजार से अधिक सिग्नल जैमर लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 6,700 ऑब्जर्वर, 100 से अधिक वर्चुअल मॉनिटर, करीब 39 हजार फ्रिस्किंग कर्मी, 48 हजार से अधिक बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मचारी और सेंटर सिस्टम ऑफिसर तैनात किए गए हैं, ताकि परीक्षा का संचालन सुरक्षित और सुचारू रूप से हो सके।









