धार्मिक नगरी अयोध्या में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों के बीच अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन के आसपास फैली गंदगी गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। स्टेशन के समीप स्थित माल गोदाम तथा रेलवे कॉलोनी के पास बड़ी मात्रा में कचरा खुले में फेंके जाने से स्थानीय कॉलोनी वासियों /नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन से निकलने वाला कूड़ा-कचरा, जिसमें खाने-पीने के पैकेट, प्लास्टिक, पॉलिथीन, डिस्पोजल सामग्री तथा अन्य अपशिष्ट शामिल हैं, नियमित रूप से रेलवे कॉलोनी के निकट सड़क किनारे डाल दिया जाता है। इससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और वातावरण प्रदूषित हो रहा है। कालोनीवासियों का कहना है कि कचरे के ढेर के कारण आवारा पशु और कुत्ते वहां जमा रहते हैं, जिससे राहगीरों और आसपास रहने वाले परिवारों को असुविधा होती है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, क्योंकि सड़ने वाले कचरे से मच्छरों और अन्य कीटों की संख्या बढ़ने की आशंका है। इससे डेंगू, मलेरिया तथा अन्य संक्रामक रोग फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
स्थानीय कालोनी वासियों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर रेलवे प्रशासन यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाता है, वहीं दूसरी ओर स्टेशन से निकलने वाले कचरे का उचित निस्तारण नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन के सफाई ठेकेदार से माल गोदाम एवं रेलवे कॉलोनी के पास फैलाई जा रही गंदगी के विषय में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन पर उनसे संपर्क नहीं हो सका। इसके कारण इस समस्या पर उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया।
क्षेत्रीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि स्टेशन से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा माल गोदाम और रेलवे कॉलोनी के आसपास फैली गंदगी को तत्काल हटाकर नियमित सफाई कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो यह समस्या जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।







