10 अप्रैल को शिव पर्वत पर ‘‘वन संस्कार अभियान‘‘ अंतर्गत मां वाघेश्वरी मंदिर पर्वत से शिव पर्वत तक साईकल, बैलगाड़ी एवं तांगे से यात्रा कर करेंगे पौधारोपण..

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बुरहानपुर-

‘‘वन संस्कार अभियान‘‘ अंतर्गत ग्राम बंभाड़ा स्थित शिव पर्वत को भी पौधारोपण कर विकसित किया जाएगा। शिव पर्वत को हरा-भरा करने का हम लोगों ने संकल्प लिया है। यहां भगवान श्री राम नवमी के शुभ अवसर पर इस अभियान की शुरूआत करंेंगे। यहां वन विभाग, समाज, ग्रामवास, पंचायत सहित सामाजिक संगठनों को साथ लेकर पौधारोपण करेंगे। आगामी 5 वर्षांे में इस पहाड़ी को मां वाघेश्वरी पर्वत, ईच्छादेवी पर्वत जैसा बनाने का मन में निश्चित किया है। इस वर्ष 2 हजार पौधे लगाकर इस प्रकृति संवर्धन अभियान का कार्य करेंगे। 10 अप्रैल रविवार को मां वाघेश्वरी मंदिर पर्वत से शिव पर्वत तक साईकल, बैलगाड़ी एवं तांगे के माध्यम से जाकर सब मिलकर यहां पौधारोपण करेंगे।
यह बात भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने ग्राम धामनगांव में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पंचमहाभूत का महत्व भारतीय संस्कृति व दर्शन हमें सदा देते आए है। हमारे वेद उपनिषद व पुराणों की कथाएं प्रकृति में देव दर्शन कराते रहे है।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि ग्राम धामनगांव में मां वाघेश्वरी मंदिर पर्वत को 13 पेड़ों की यात्रा से 7 हजार 500 से अधिक पेड़ रोपकर उन्हें वृक्ष का स्वरूप सभी ने साथ मिलकर दिया है। इसी प्रकार ग्राम बंभाड़ा स्थित शिव पर्वत पर श्री राम नवमी पर 108 पौधों को रोपण कर इस कार्य की शुरूआत की जाएगी। आगामी वर्षा ऋतु के पूर्व करीब 2 हजार से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। आने वाले 5 वर्षांे में इस पहाड़ी को भी मां वाघेश्वरी मंदिर पर्वत जैसा विकसित किया जाएगा।
पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि आदरणी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की संकल्प पूर्ति हेतु इस वर्ष मां वाघेश्वरी ग्रामोदय मेले में हम लोगों ने जल शक्ति से जल जीवन का संकल्प लिया है और उसी परिपेक्ष में इस वर्ष कैच द रेन के माध्यम से भूजल स्तर को बढ़ाने की दिशा में समग्र कार्य किए जाएंगे। 10 अप्रैल को ‘‘वन संस्कार अभियान‘‘ अंतर्गत ग्राम धामनगांव स्थित मां वाघेश्वरी पर्वत से बंभाड़ा स्थित शिव पर्वत तक पंचमहाभूत यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सहभागियों द्वारा प्रकृति को बिना हानि पहुंचाते हुए यात्रा की जाएगी। इस हेतु यात्रा में साईकल, बैलगाड़ी, तांगा इत्यादि बिना इंधन का वाहन रहेगा। नागरिकों से आग्रह है कि इस प्रकृति संवर्धन अभियान का हिस्सा बने।

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