अब भारत में बनेगी राफेल की घातक हैमर मिसाइल, भारत-फ्रांस रक्षा संवाद में होगा समझौता

 

 

भारत और फ्रांस के बीच हैमर मिसाइलों के निर्माण को लेकर इस सप्ताह अहम समझौता होने जा रहा है। इस समझौते के तहत राफेल की घातक हैमर मिसाइलें अब भारत में बनेंगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनकी फ्रांसीसी समकक्ष कैथरीन वॉट्रिन के बीच बंगलूरू में मंगलवार को होने वाले रक्षा संवाद के दौरान हैमर मिसाइलों के संयुक्त निर्माण का समझौता होगा।

भारत-फ्रांस के बीच छठा वार्षिक रक्षा संवाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान आयोजित किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग समझौता भी अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ाए जाने की संभावना है। फ्रांस की रक्षा कंपनी साफ्रान और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) इस मिसाइल के निर्माण के लिए हाथ मिलाएंगी।

सूत्रों के मुताबिक, इस समझौते में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण भी शामिल होगा। हैमर मिसाइल दुश्मन के बंकरों, ठिकानों और बख्तरबंद वाहनों को 70 किलोमीटर दूर से भी पूरी सटीकता से तबाह कर सकती है। फिलहाल वायुसेना अपने राफेल विमानों में फ्रांस से आयातित हैमर मिसाइलों का उपयोग कर रही है। भारत में इनका निर्माण होने से मिसाइल की लागत में भारी कमी आएगी। पहाड़ी इलाकों में छिपे लक्ष्यों को भेदने में माहिर यह मिसाइल जीपीएस के बिना भी काम कर सकती है। इसे जाम करना लगभग नामुमकिन है।

एच125 हेलिकॉप्टर
दोनों मंत्री कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस की एच125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (एलयूएच) की फाइनल असेंबली लाइन के आभासी उद्घाटन पर भी मौजूद रहेंगे। यह उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों संयुक्त रूप से करेंगे।

रक्षा सहयोग में वृद्धि
वार्षिक रक्षा संवाद के दौरान दोनों देश द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा करेंगे और औद्योगिक साझेदारी का विस्तार करेंगे। भारतीय सेना और फ्रांसीसी सेना के प्रतिष्ठानों में अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती संबंधी घोषणा भी की जा सकती है।

और पढ़े  विश्व बैंक रिपोर्ट: एआई से नौकरियां नहीं गईं, पर कॅरिअर की पहली सीढ़ी खिसकी, कितनी कंपनियों ने घटाई भर्ती?

द्विपक्षीय संबंधों में रक्षा सहयोग मजबूत आधार
दोनों देशों के संबंधों में रक्षा सहयोग एक महत्वपूर्ण आधार रहा है। साल 2024-25 से ही यह दीर्घकालिक संबंध और मजबूत हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी जुलाई 2023 में फ्रांस के बैस्टिल दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इधर जनवरी 2024 में फ्रांसीसी राष्ट्रपति बतौर मुख्य अतिथि गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुए थे। हाल ही में भारत-यूरोपीय संघ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी ने यूरोपीय देशों के साथ सामूहिक सहयोग को नई दिशा दी है।

भारत और फ्रांस तीन प्रमुख संयुक्त सैन्य अभ्यास- थल सेना के लिए शक्ति, नौसेना के लिए वरुण और वायुसेना के लिए गरुड़ का आयोजन करते हैं। इन साझा अभ्यासों से दोनों देशों के बीच रणनीतिक समन्वय मजबूत हुआ है।

  • Related Posts

    दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे अमित शाह-रेखा गुप्ता: इंडिया ब्लॉक की रैली से पहले कानून-व्यवस्था पर चर्चा, क्या होगा?

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय का दौरा किया। यहां उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर…

    दिल्ली: मेट्रो में सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले पोस्टर मिले, अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

    दिल्ली मेट्रो में सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले दो पोस्टर मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली…