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आगरा के थाना एकता क्षेत्र में गुतिला के पास शुक्रवार को मुठभेड़ में मारा गया शूटर पवन उर्फ कल्लू पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी में था। जेल से छूटने के बाद वह गांव और आसपास के क्षेत्रों में बैनर -पोस्टर लगाकर चुनावी ताल ठोक रहा था। पवन को मालूम था कि चुनाव जीतने के लिए रुपयों की जरूरत पड़ेगी, इसलिए उसने रंगदारी मांगना शुरू कर दिया था। परिजन शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पोस्टमार्टम के बाद उसका शव गाजियाबाद ले गए।
एसटीएफ की नोएडा यूनिट और आगरा पुलिस ने शुक्रवार को रणदीप भाटी और अमित कसाना गैंग के शार्प शूटर पवन उर्फ कल्लू की एकता थाना क्षेत्र में घेराबंदी की थी। किसी वारदात को अपने साथी के साथ अंजाम देने के आए पवन को पुलिस ने चेतावनी दी तो उसने फायरिंग कर दी थी। दोनों ओर से करीब 20 मिनट तक गोलियां चलीं। एक गोली पवन के सीने में लगी और वह जमीन पर गिर गया। उसका साथी बाइक छोड़कर भाग निकला था।
पुलिस ने घायल पवन को इलाज के लिए एसएन भेजा था। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे एक गाड़ी से पवन का छोटा भाई और चार रिश्तेदार पोस्टमार्टम गृह पहुंचे। यहां पर तीन थानों का फोर्स मौजूद था। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को एंबुलेंस से गाजियाबाद ले गए। शूटर के भाई ने बताया कि पवन शाम करीब चार बजे घर से निकला था। वह आगरा क्यों आया था, इसका पता नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीने पर गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई है। गोली शरीर के पार हो गई थी। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार बदमाश पवन उर्फ कल्लू पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए रंगदारी से धन एकत्रित कर रहा था।
18 वर्ष की उम्र में बन गया अपराधी
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि इंटर पास गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के गांव सिरोली का 28 वर्षीय पवन उर्फ कल्लू ने 18 वर्ष की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। 2021 में पिता की मृत्यु के बाद जमीन के विवाद में उसने अपने सगे चाचा जैनेंद्र और सुरेंद्र की गोली मारकर हत्या की थी। तीन अन्य हत्याओं को भी उसने अंजाम दिया था। उस पर हत्या,रंगदारी मांगने समेत 18 मामले दर्ज थे। लोकप्रियता बढ़ाने के लिए इंस्टाग्राम पर अलग-अलग गानों के साथ वीडियो पोस्ट करता था। एआई की मदद से अपने नाम के गाने बनाकर वीडियो पोस्ट करने के साक्ष्य पुलिस को मिले हैं। आरोपी पर 50 हजार का इनाम घोषित था।