NEET- नीट-यूजी अब 21 जून को होगी,21 जून को देशभर में होगी परीक्षा

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राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए ने नीट-यूजी की नई तारीख का एलान कर दिया है। अब यह परीक्षा देशभर में 21 जून को होगी। इससे पहले यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। हालांकि, पेपर लीक की आशंका के चलते यह सवालों के घेरे में आ गई थी। अब इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। एनटीए ने कहा था कि जल्द ही परीक्षा की नई तारीखों का एलान कर दिया जाएगा। इसके लिए छात्र-छात्राओं को दोबारा फीस देने की जरूरत नहीं होगी। इस परीक्षा के जरिए मेडिकल में प्रवेश दिया जाता है।

 

एनटीए ने क्या कहा?
परीक्षा की तारीख की घोषणा करते हुए एनटीए ने कहा कि उसने केंद्र सरकार की अनुमति के बाद नीट-यूजी-2026 की पुन: परीक्षा रविवार 21 जून 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया है। परीक्षार्थियों व अभिभावकों से अनुरोध है कि वे केवल एनटीए के आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने की थी बैठक की अध्यक्षता
इससे पहले, गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी नीट-यूजी परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने के मुद्दे पर पहली उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। इस अहम बैठक में शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा कराने वाली एजेंसी के कई बड़े अधिकारी शामिल हुए थे। इस मीटिंग का मकसद यही था कि रद्द हुई परीक्षा को अब नए सिरे से कैसे कराया जाए ताकि आगे कोई भी गड़बड़ी न हो। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस बार दोबारा परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से हो, जिससे दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों के साथ कोई अन्याय न हो।

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छात्रों की मेहनत से नहीं होगा कोई समझौता
गुरुवार को एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह ने भरोसा दिया था कि बच्चों की मेहनत से इस बार कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, पेपर लीक माफिया के कारण ईमानदारी से पढ़ाई कर रहे लाखों छात्रों को नुकसान पहुंचा है। भविष्य में दोबारा ऐसा न हो, उसकी पुख्ता व्यवस्था करेंगे। सिंह ने कहा, जिस भी छात्र या अभिभावक के पास पेपर लीक से जुड़ी जानकारी या सैंपल पेपर उपलब्ध होने से जुड़ी जानकारियां हैं, वे उन्हें ईमेल से भेज सकते हैं। उनका नाम जाहिर नहीं किया जाएगा।

 

इससे पहले, डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व सीएम एमके स्टालिन ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की थी कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नीट-यूजी परीक्षा को छूट दी जाए और राज्यों को 12वीं के अंकों के आधार पर मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिले की अनुमति दी जाए।


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