सर्दियों की आहट के साथ नैनीताल में एक बार फिर बर्फ की सफेद चादर में लिपटने की उम्मीद जगी है। वैज्ञानिक ला-नीना के प्रभाव के चलते कड़ाके की ठंड और अत्यधिक बर्फबारी होने की संभावना जता रहे हैं।
भारतीय मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड शुरू होगी और जनवरी में यह अपने चरम पर रहेगी। दिसंबर के मध्यम सप्ताह तक तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी और दिसंबर मध्य के बाद नैनीताल की ऊंची चोटियों पर पहली बर्फ गिर सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जनवरी के पहले हफ्ते तक नैनीताल शहर और आसपास के क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक सकते हैं।
नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार मौसम पर ला-नीना का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उन्होंने कहा पिछले कुछ वर्षों में नैनीताल में बर्फबारी बहुत कम हुई है, लेकिन इस बार मौसम के मिजाज को देखकर लग रहा है कि ठंड कड़ाके की पड़ेगी और बर्फबारी की संभावना भी अधिक है। बताया कि ला-नीना एक ऐसी मौसमी प्रक्रिया है जो सर्दियों में ठंड को और ज्यादा तीव्र कर देती है। गर्मियों में तापमान सामान्य से अधिक रहा था, लेकिन अब वही प्रणाली सर्दियों को अधिक ठंडी बनाएगी। यह स्थिति एक्सट्रीम इवेंट कही जाती है।







